कैसे हुआ योग का जन्म? योग के जनक कौन हैं? किसने किया इसका प्रचार-प्रसार?

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हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरूआत 2015 में पहली बार हुई थी, तब से हर साल पूरे विश्व में 21 जून को योग दिवस मनाते हैं. मानव शरीर और मन को स्वस्थ बनाए रखने के लिए योग एक उत्तम साधन है. आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि योग का जन्म कैसे हुआ? योग के जनक कौन हैं? सबसे पहले योग का प्रचार-प्रसार किसने किया था? अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जानते हैं ​इन सवालों के जवाब.

कैसे हुआ योग का जन्म?
भगवान शिव आदियोगी हैं. उनसे ही योग की उत्पत्ति मानी जाती है. बताया जाता है कि आज से 15000 साल पहले हिमालय की चोटियों पर एक योगी प्रकट हुए थे. लोगों को उनके जन्म या अतीत के बारे में कुछ भी मालूम नहीं था. लोग उनके चारों ओर एकत्र हो गए और बैठ गए. सभी को इस बात की प्रतीक्षा थी कि वे कुछ बोलेंगे. लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बोला. वे सिर्फ बैठे रहे. ऐसे काफी महीने बीत गए.

धीरे-धीरे करके सभी लोग चले गए और केवल 7 लोग बचे. वे 7 लोग कोई और नहीं, सप्तर्षि यानि सात ऋषि थे. वे वहां से नहीं गए, वे हठ करके बैठे रहे. तब आदियोगी शिव ने उनको कुछ अभ्यास कराया. उसके बाद जब सूर्य देव दक्षिणायन हुए तो वे भी दक्षिण की ओर मुखकर अपने पहले शिष्यों सप्तर्षि को शिक्षा देनी प्रारंभ की. इस दिन से ही योग का प्रारंभ हुआ.

सप्तर्षि ने किया योग का प्रचार-प्रसार
जब आदियोगी ने सप्तर्षि को पूर्ण ज्ञान दे दिया तो उनको 7 दिशाओं में भेजा. उनमें से एक आदियोगी के पास ही रूक गए. बाकी 6 में से दो भारत में और 4 दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चले गए. उन्होंने लोगों को योग के बारे में बताने का प्रयास किया.

योग के जनक कौन हैं?
महर्षि पतंजलि को आधुनिक योग का जनक कहा जाता है. 5000 साल पहले उन्होंने योग सूत्र की रचना की थी, जो योग दर्शन का मूल ग्रंथ है. उन्होंने योग को आमजन तक सहज रुप में पहुंचाने का काम किया. उन्होंने अष्टांग योग, जिसमें यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि के बारे में बताया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि पतंजलि को शेषनाग का अवतार माना जाता है. उनको पाणिनी का शिष्य भी कहते हैं. तिरुमलाई कृष्णमाचार्य को भी लोग आधुनिक योग का जनक मानते हैं.

योग के प्रसि​द्ध गुरु
वैसे तो इस समय में बाबा रामदेव योग गुरु के रूप में काफी लोकप्रिय हैं. लेकिन इनसे पहले प्रसिद्ध योग गुरुओं में तिरुमलाई कृष्णमचार्य, बी के एस अंयगर, धीरेंद्र ब्रह्मचारी, महर्षि महेश योगी, परमहंस योगानंद, स्वामी शिवानंद सरस्वती, कृष्ण पट्टाभि जोइस आदि शामिल हैं. इन्होंने योग और साधना से मानव कल्याण किया.

 

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