कलेपाल के लोगों ने पहली बार कलेक्टर को देखा

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छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग के तीन जिलों की सरहद पर बसे एक गांव के ग्रामीणों ने पहली बार कलेक्टर को देखा। कच्ची सड़क से बाइक और पैदल सफर करते हुए कलेक्टर विजय दयाराम कलेपाल गांव तक पहुंचे। जहां मूलभूत सुविधाओं और मतदान को लेकर ग्रामीणों से चर्चा की गई। उनके साथ एसपी जितेंद्र सिंह मीणा और दूसरे अफसर भी मौजूद थे।

बीहड़ों में बसे इस गांव तक पहुंचने पक्की सड़क नहीं है। कच्ची सड़क को भी नक्सलियों ने जगह-जगह से काट दिया है। कलेपाल गांव पहुंचने के लिए दंतेवाड़ा के रास्ते अफसर निकले थे। लेकिन उन्हें पहुंचने के लिए पहले बाइक और फिर पैदल ही सफर करना पड़ा। हालांकि की पक्की सड़क बनवाने का वादा उन्होंने जरूर किया।

नक्सल प्रभावित इलाके के गांव पहुंचे अधिकारी

कलेक्टर विजय दयाराम अपनी टीम के साथ जगदलपुर से दंतेवाड़ा होते हुए कटेकल्याण पहुंचे। जिसके बाद उन्हें गांव पहुंचे के लिए पहले तो बाइक का सहारा लेना पड़ा। लेकिन कुछ आगे चलने के बाद रास्ता इतना खराब था कि बाइक भी आगे नहीं बढ़ सकी। जिसके बाद कलेक्टर-एसपी ने 5 किलोमीटर पैदल सफर भी किया। जबकि कटेकल्याण से कलेपाल की दूरी महज 10-12 किमी ही है।

मतदान की अपील, सड़क बनाने का किया वादा

कलेपाल में करीब 400 मतदाता हैं। लेकिन मूलभूत सुविधा भी नहीं मिलने से गांव वाले नाराज हैं। जिसके कारण पिछले चुनाव में भी वोट प्रतिशत काफी कम था। इसी नाराजगी को सुनने कलेक्टर और अधिकारी पहुंचे थे। गांव वालों का कहना है कि, उनकी समस्या सुनने कोई नहीं आता है। इसलिए मतदान करने पीछे हटते हैं।

इसपर कलेक्टर ने गांव वालों से कहा कि गांव के विकास के लिए मतदान करना जरूरी है। अगर मतदाता अपने मतों का उपयोग करेंगे तो जनप्रतिनिधि भी विकास कार्यों के लिए गांव तक पहुंचेंगे। साथ ही अधिकारियों ने सड़क बनाने का भी वादा किया है।

3 जिलों की सरहद से पर है गांव

बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा इन 3 जिलों की सरहद पर कलेपाल गांव बसा हुआ है। यह गांव भले ही बस्तर जिले का है लेकिन गांव के ग्रामीण दंतेवाड़ा जिले पर निर्भर हैं। बताया जाता है कि यहां नक्सलियों का भी मूवमेंट लगातार रहता है। यही वजह है कि, साल 2018 में हुए विधानभा चुनाव में सिर्फ 5 फीसदी मतदान ही हुए।

सड़क बनाने अफसरों को दिए निर्देश

कलेक्टर ने ग्रामीणों से कहा कि कलेपाल तक पहुंचने के लिए सड़क बनाना प्रशासन की प्राथमिकता में है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को सड़क और पुल-पुलिया बनाने के लिए स्टीमेट तैयार करने को कहा। साथ ही जल्द से जल्द इस काम को करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों से वादा किया है कि उनके गांव तक पहुंचने सड़क बनाई जाएगी। इसके साथ ही जो भी विकास कार्य होंगे वो करेंगे।

 

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