
बालोद जिला व राज्य में कथित तौर पर हो रहे भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े से संबंधित गंभीर आरोपों को “तहलका पत्रिका” ने स्वतंत्र निष्पक्ष एवं निर्भीक हो कर सदैव ही उजागर किया है।
भ्रष्टाचार में अग्रणी:
जिले का कथित तौर पर भ्रष्टाचार में सबसे आगे होना।
जाँच में लापरवाही/संरक्षण: प्रमुख अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार/फर्जीवाड़े की जाँच न करना और अपने अधीनस्थ भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देना।
जाँच प्रक्रिया में मनमानी:
निष्पक्ष जाँच के नियमों का उल्लंघन करते हुए जानबूझकर उसी विभाग के अधिकारी को जाँच अधिकारी बनाना, जिससे भ्रष्टाचार पनप रहा है।
नियमों का उल्लंघन:
निष्पक्ष जाँच के लिए किसी अन्य विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ को जाँच अधिकारी बनाए जाने के नियम का कथित तौर पर उल्लंघन किया जा रहा है।
“तहलका पत्रिका” की भूमिका और आगे की कार्रवाई
“तहलका पत्रिका” की योजना इन आरोपों पर ठोस कार्रवाई करने की है, जिसके लिए “तहलका पत्रिका” समूह ने दो प्रमुख कदम उठाने वाले हैं:
उच्च न्यायालय (High Court) में डेटा पेश करना:
पत्रिका के पास विभागों में हो रहे भ्रष्टाचार/फर्जीवाड़े का सुरक्षित डेटा है, जिसे उच्च न्यायालय में सबूत के तौर पर पेश किया जा सकता है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो न्यायिक हस्तक्षेप सुनिश्चित कर सकता है।
केंद्र एवं राज्य सरकार में लिखित शिकायत: साक्ष्य (सबूत) के साथ जिले के प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकारियों के पास लिखित शिकायत दर्ज की जाएगी। यह प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर दबाव बनाने का कदम है।
“तहलका पत्रिका” द्वारा सबूतों के साथ उच्च न्यायालय में जाने और सरकार के उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज करने की योजना इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जाँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त कदम हो सकती है। यह उम्मीद की जाती है कि इन कार्यवाहियों से कथित तौर पर नियम विरुद्ध हो रही विभागीय जाँच प्रक्रिया पर रोक लगेगी और निष्पक्ष विशेषज्ञ जाँच की मांग पूरी होगी।








