विधानसभा में चंदा चोरी मामले पर चर्चा की मांग नामंजूर, जमकर हंगामा, कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित, भूपेश बघेल- बीजेपी ने पहले वोट चोरी की, अब चंदा चोरी

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विधानसभा में चंदा चोरी मामले पर चर्चा की मांग नामंजूर, जमकर हंगामा, कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित, भूपेश बघेल- बीजेपी ने पहले वोट चोरी की, अब चंदा चोरी

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आज उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सदन में स्थगन प्रस्ताव पेश किया. इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को घेरते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए हैं.
“भगवान राम हमारे भांजे, हमने बनाया राम वन गमन पथ”
सदन के बाहर मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी आस्था और सरकार के कामकाज को रेखांकित किया. उन्होंने कहा “भगवान राम हमारे छत्तीसगढ़ के भांचा (भांजे) हैं। उनके प्रति हमारी गहरी आस्था है. इसीलिए हमारी सरकार के दौरान हमने प्रदेश में राम वन गमन पथ का निर्माण कराया और भव्य मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया. खुद मैंने राम मंदिर निर्माण में 1.21 लाख रुपये का चंदा दिया था.”
कल सुबह 11 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित
सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने के बाद विपक्ष फिर से राम मंदिर पर चर्चा कराने की मांग करने लगा और सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्यमंत्री ने आपत्ति जताई। इसके बाद भी विपक्ष नारेबाजी व हंगामा करता रहा जिसे देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी.
बीजेपी पर लगाया गंभीर आरोप
चोरी की घटना पर कानून-व्यवस्था और सत्तापक्ष को आड़े हाथों लेते हुए बघेल ने बेहद तल्ख टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं. उन्हीं के राज में भगवान का दरबार सुरक्षित नहीं है. भूपेश बघेल ने आरोप लगाते हुए कहा, बीजेपी ने पहले वोट चोरी की और अब चंदा चोरी की.
स्थगन प्रस्ताव पर गरमाई सदन की कार्यवाही
कांग्रेस विधायकों ने इस चोरी को सामान्य घटना न मानते हुए इसे प्रदेश की कानून-व्यवस्था की विफलता और जन-आस्था पर चोट बताया. विपक्ष ने मांग की कि इस मामले पर सभी काम रोककर तुरंत चर्चा कराई जाए.
कांग्रेस का कहना है कि राजधानी के इतने प्रमुख और सुरक्षित माने जाने वाले राम मंदिर में चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है. वहीं, सत्तापक्ष के मंत्रियों और विधायकों ने विपक्ष के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए इसे सिर्फ राजनीतिक तूल देने का प्रयास बताया है.
इस स्थगन प्रस्ताव और पूर्व मुख्यमंत्री के कड़े बयान के बाद से छत्तीसगढ़ की सियासत में ‘राम मंदिर’ और ‘चंदा’ को लेकर एक बार फिर वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है. सदन से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान चरम पर है.

 

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