18 वर्षीय बेटे ने की आत्महत्या, सदमे में परिवार, आरक्षक ने पुलिसकर्मियों पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, पुलिस अधीक्षक से लगाई इंसाफ की गुहार

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जगदलपुर : बस्तर जिले में एक आरक्षक ने अपने 18 साल के बेटे की खुदकुशी के मामले में पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आरक्षक देवेंद्र दास का कहना है कि उनके बेटे तरुण दास को कथित रूप से पुलिसकर्मियों और अन्य युवकों द्वारा मारपीट कर प्रताड़ित किया गया. जिसकी वजह से उसने खुदकुशी जैसा कदम उठाया. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक बस्तर को शिकायत सौंपी है.
देवेंद्र दास के मुताबिक फरवरी 2026 में उनके बेटे तरुण दास ने इंद्रावती नदी में कूदकर खुदकुशी कर ली थी. उनका आरोप है कि 24 फरवरी को पैंथर स्क्वाड के जवानों ने प्रियांशु दास को हाटकचोरा क्षेत्र से हिरासत में लेकर बोधघाट थाने पहुंचाया था. इसके बाद तरुण दास भी उससे मिलने थाने गया था. शिकायत में देवेंद्र दास ने आरोप लगाया है कि अगले दिन उनके बेटे को घर से ले जाकर गोयलवाड़ी क्षेत्र में कुछ पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने कथित रूप से बुरी तरह पीटा.
उनका कहना है कि मारपीट के बाद तरुण को गंभीर हालत में मोहल्ले में छोड़ दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रताड़ना से मानसिक रूप से आहत होकर उनके बेटे ने बाद में खुदकुशीकर ली. आरक्षक का यह भी कहना है कि जब वह इस मामले की शिकायत लेकर कोतवाली थाना पहुंचे तो उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई और उन्हें वापस भेज दिया गया. इसके बाद उन्होंने सीधे पुलिस अधीक्षक बस्तर से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की.
वहीं, इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक भोला सिंह राजपूत ने आरोपों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि खुदकुशी के मामले में पहले से मर्ग कायम कर जांच की जा रही थी और मृतक के पिता का बयान भी उसी प्रक्रिया के तहत लिया जाना था. उन्होंने कहा कि अलग से शिकायत आवेदन लेने की जरुरत नहीं थी और मारपीट और प्रताड़ना के आरोप तथ्यहीन हैं.
इध, पैंथर स्क्वाड को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं. कुछ लोगों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर आरोप लगाया कि स्क्वाड के कुछ सदस्य जांच के नाम पर आम लोगों से दुर्व्यवहार और मारपीट करते हैं. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. फिलहाल पूरे मामले में पुलिस विभाग की जांच जारी है. शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

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