जांजगीर-चांपा/पामगढ़ : कहते हैं राजनीति में कुर्सी का मोह बड़ा भारी होता है. लेकिन जब बात ‘एल्डरमैन’ बनने की हो. तो किस्से और भी चटपटे हो जाते हैं. जांजगीर चांपा जिले की राजनीति में इन दिनों पारा चढ़ चुका है और वजह बनी है एक कथित व्हाट्सएप चैट, जिसने भाजपा जिलाध्यक्ष अम्बेश जांगड़े और सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला संयोजक शरद शर्मा की रातों की नींद उड़ा रखी है.
एक चैट, ढाई लाख और झटपट ‘डिलीट’!
मामला पूरा डिजिटल है. चर्चा है कि शरद शर्मा जी के मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप पर एक ऐसा पैगाम तैरने लगा. जिसे देखकर भाजपाइयों के होश उड़ गए. चैट में साफ-साफ दावा था—”एल्डरमैन बनना है? तो ₹2.5 लाख जेब से निकालिए!”
लेकिन जनाब, कहानी में ट्विस्ट यहीं खत्म नहीं होता! जैसे ही इस चैट ने सुर्खियां बटोरीं, वैसे ही ‘डिलीट फॉर एवरीवन’ वाला जादू चल गया. पोस्ट गायब!
मास्टरस्ट्रोक: “मेरा तो व्हाट्सएप ही हैक हो गया था.”
अब जब तीर कमान से (या कहें चैट इनबॉक्स से) निकल चुका था. तो डैमेज कंट्रोल का दौर शुरू हुआ. शरद शर्मा जी की तरफ से दूसरा संदेश आया- “अरे भाई, मेरा अकाउंट तो हैक हो गया था. मैंने कोई चैट-वेट नहीं की.” राजनीति में जब भी कोई वायरल पचड़ा फंसता है, तो सबसे पहला ‘बलि का बकरा’ बेचारा हैकर्स ही बनता है.
जिलाध्यक्ष का साफ इंकार: “सब छवि बिगाड़ने की साजिश है!”
इधर भाजपा जिलाध्यक्ष अम्बेश जांगड़े जी मैदान में उतरे और आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उनका कहना है: “मैंने न तो किसी से चवन्नी ली, न किसी को एल्डरमैन बनाने का झूठा वादा किया. यह सब मेरी बेदाग छवि को दागदार करने का राजनीतिक षड्यंत्र है.” अम्बेश जी का कहना है कि शरद शर्मा ने भी उन्हें कसम खाकर बताया है कि यह करामात किसी ‘अज्ञात खुराफाती’ की है.
2026-07-25











