रायपुर : श्री कृष्णा यादव महासभा के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्याम नंदन कुमार यादव ने छत्तीसगढ़ के कुरूद विधायक अजय चंद्राकर के हालिया वक्तव्य की कड़ी निंदा करते हुए यादव समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की. उन्होंने कहा कि विधायक के वक्तव्य से यादव समाज में भारी नाराजगी है और समाज इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगा.
श्याम नंदन कुमार यादव ने कहा कि अजय चंद्राकर को अपने वक्तव्य को लेकर सार्वजनिक रूप से यादव समाज से क्षमा मांगनी होगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर विधायक द्वारा माफी नहीं मांगी जाती है. तो यादव समाज की ओर से पूरे देश में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है. बल्कि अब राष्ट्रीय स्तर पर यादव समाज में भी नाराजगी देखने को मिल रही है. समाज के विभिन्न संगठनों और पदाधिकारियों के बीच इस विषय को लेकर चर्चा हो रही है.
राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि यादव समाज सामाजिक सम्मान और स्वाभिमान के मामले में किसी भी तरह की टिप्पणी को स्वीकार नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को किसी भी समाज के प्रति बयान देते समय मर्यादा और संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए.
श्याम नंदन कुमार यादव ने साफ किया कि यादव समाज शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखेगा. लेकिन समाज के सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने अजय चंद्राकर से तत्काल अपने वक्तव्य पर स्पष्टीकरण देते हुए यादव समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है.
पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने युवा कांग्रेस चुनाव का हवाला देते हुए कहा था कि यह चुनाव नहीं बल्कि आपसी ‘यादवी संघर्ष’ चल रहा है. उन्होंने कहा कि जिस तरह महाभारत में आपस में लड़कर अंत हुआ था. ठीक उसी तरह इस आंतरिक गुटबाजी के बाद प्रदेश में कांग्रेस भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी.
पूर्व मंत्री चंद्राकर ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उनका मकसद किसी भी समाज या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं था. उन्होंने विपक्षी नेताओं और राजनीतिक विरोधियों पर आरोप लगाया कि उनके दिए गए वक्तव्य के एक छोटे से हिस्से को काट-छांटकर और गलत संदर्भ में पेश कर प्रसारित किया जा रहा है.
पूर्व मंत्री एवं विधायक चंद्राकर ने पूरे मामले पर खेद प्रकट कर कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने केवल कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को दर्शाने के लिए एक पौराणिक उदाहरण दिया था. इसके बावजूद यदि उनके शब्दों से यादव समाज के किसी भी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं. तो वे इसके लिए बेहद विनम्रतापूर्वक खेद व्यक्त करते हैं.











