राजिम सड़क हादसा : राजीव लोचन मंदिर से दर्शन कर रायपुर लौट रहे श्रद्धालुओं की अर्टिगा और हाईवा की जोरदार टक्कर, 3 श्रद्धालु महिलाएं गंभीर

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राजिम : गरियाबंद जिला के राजिम में दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं के चेहरे पर एक पल पहले जो आस्था और शांति का भाव था. अगले ही पल वह चीख-पुकार और दहशत में बदल गया. मंगलवार शाम पं. श्यामाचरण शुक्ल चौक पर हुई अर्टिगा कार और हाइवा की सीधी टक्कर सिर्फ दो गाड़ियों की टक्कर नहीं थी. बल्कि रफ्तार के उस खौफनाक मंजर की बानगी थी जो हर रोज दर्जनों मासूमों की जान जोखिम में डालता है.
पलक झपकते ही चकनाचूर हुई कार
रायपुर से राजिम पहुंचे 3 पुरुष और 3 महिलाएं जब दर्शन-पूजन के बाद घर वापसी की ओर बढ़ रहे थे. तब किसी ने नहीं सोचा था कि सामने से आ रहा तेज रफ्तार हाइवा उनके इस सफर को हादसे में बदल देगा. चौक के पास हुई टक्कर का धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के दुकानदार और राहगीर सिहर उठे. टक्कर से अर्टिगा कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से लोहे के मलबे में तब्दील हो गया. अंदर बैठे लोग बुरी तरह फंस गए.
कार के एयरबैग बने जीवनरक्षक
इस दर्दनाक हादसे में सबसे बड़ी और गनीमत की बात यह रही कि जोरदार टक्कर होते ही कार के दोनों एयरबैग फौरन खुल गए. वाहन सुरक्षा के इस आधुनिक फीचर ने चालक और आगे बैठे यात्री के सिर और सीने को सीधे मेटल से टकराने से बचा लिया. जिससे एक बहुत बड़ा जानलेवा हादसा टल गया. हालांकि हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीछे बैठी 3 महिलाओं को गंभीर चोटें आई हैं. जिनका इलाज जारी है.
मददगार बने स्थानीय लोग, संजीवनी 108 बनी सहारा
हादसे के ठीक बाद राजिम के स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने बिना समय गंवाए इंसानियत का फर्ज निभाया. लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए क्षतिग्रस्त कार के दरवाजों को खोलकर उसमें फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकाला. खबर पर पहुंची राजिम पुलिस ने संजीवनी 108 एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया.
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर दौड़ते भारी वाहनों (हाइवा) की अनियंत्रित रफ्तार और चौराहों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे के बाद रायपुर-राजिम मार्ग पर घंटों लंबा जाम लगा रहा. जिसे पुलिस ने क्रेन बुलाकर कड़ी मशक्कत के बाद खुलवाया. पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है. लेकिन यह हादसा याद दिलाता है कि थोड़ी सी लापरवाही किसी के परिवार की खुशियों को पल भर में उजाड़ सकती है.

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