सिम्स को ई अस्पताल बनाने की प्रक्रिया एक कदम आगे बढ़ गई है। शासन ने यहां के लिए 75 लाख रुपए मंजूर किए हैं। इसकी प्रशासकीय स्वीकृति के लिए डीन ने डीएमई को चिट्ठी लिखी है। सिम्स का ओपीडी अपग्रेड होने वाला है। इसे ई-हास्पिटल का रूप दिया जाएगा। इसमें तमाम जांच और ओपीडी पर्ची ऑनलाइन होगी और अस्पताल को पेपरलेस बनाया जाएगा। इससे मरीजों और डाॅक्टरों का समय भी बचेगा। साथ ही ये सुविधा सभी मेडिकल कालेज से लिंक होगी। तमाम जांच और ओपीडी पर्ची ऑनलाइन बनेगी।
ये सुविधा सभी मेडिकल कालेज से लिंक हाेने से एनएमसी(नेशनल मेडिकल काउंसिल) भी नजर रख सकेगी। अभी ओपीडी में जांच के लिए पहले एमआरडी में लाइन लगाकर पर्ची कटानी पड़ती है। इसके बाद ओपीडी कक्ष के सामने भी एंट्री कराकर मरीज घंटाें लाइन में खड़े रहते हैं। लेकिन ई-हाॅस्पिटल के रूप में विकसित होने के बाद सिम्स के ओपीडी में जांच कराने आने वाले मरीजों को इस प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। केवल एमआरडी में अपना नाम पता और मोबाइल नंबर दर्ज कराना पड़ेगा।
75 लाख मिले हैं, 10 लाख रुपए और मांगे गए हैं
“सिम्स को ई हॉस्पिटल बनाने की दिशा में शासन से 75 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। कंप्यूटर और दूसरे सामान के लिए 10 लाख रुपए और मांगा गया है। पहले इन पैसों को खर्च करने की बात कही गई है। प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद संसाधन की खरीदी होगी।”











