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सहायक परिक्षेत्र अधिकारी लता ठाकुर ने एस.डी.ओ टी.आर. वर्मा के खिलाफ वन मंत्री को किया शिकायत
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अवैध वसूली व शारीरिक संबंध बनाने हेतु बनाया जा रहा दबाव
बालोद। वन मंडल धमतरी के दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र में सहायक परिक्षेत्र अधिकारी के पद पर कार्य कर रही लता सिंह ठाकुर ने वन मंत्री मोहम्मद अकबर (छ.ग. शासन) को पत्र लिखकर धमतरी वन मंडल में पदस्थ एसडीओ टी.आर. वर्मा के खिलाफ अनैतिक कार्य करने हेतु दबाव बनाया जा रहा है साथ ही मानसिक, शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। साथ ही अनैतिक कार्य न करने का विरोध में गोपनीय प्रतिवेदन में भी छवि खराब करने के लिए टीप लिखी गई है जिसका समर्थन उच्च अधिकारियों के द्वारा भी किया । ऐसे ही एक अन्य मामले में भी एक महिला कर्मचारी ओनिशा शर्मा (पवार) को भी द्वारा उच्च अधिकारी द्वारा छवि खराब करने की कोशिश के चलते आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा उक्त अधिकारी के खिलाफ धमतरी कोतवाली में एफ.आई.आर. दर्ज किया गया है तथा न्यायालय में मामला चल रहा है वन मंत्री से अपेक्षा की है कि टी.आर. वर्मा के विरूद्ध न्याय संगत कार्यवाही कर न्याय दिलाने की मांग की है।

वन मंत्री को श्रीमती लता सिंह द्वारा लिखे शिकायत पत्र में कहा गया है कि
मैं श्रीमती लता सिंह ठाकुर वन मंडल धमतरी के अंतर्गत दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र में लगभग 11 माह से सहायक परिक्षेत्र अधिकारी के पद पर कार्य कर रही थी। वर्तमान में वन रक्षक भर्ती महासमुंद में ड्यूटी करने के पश्चात वापस होने पर मुझको स्पेशल कार्य में रखा गया है। मैं 2012 से इस वन मंडल में पदस्थ हूं। पांच वर्ष से सर्कल चार्ज में रहकर मैंने सेवा दिया तथा लगभग 6 वर्षों तक महिला उत्पीड़न धमतरी वन मंडल के अध्यक्ष के रूप में सेवा दिया तथा धमतरी वन कर्मचारी की वर्तमान में सलाहकार सदस्य भी हूं। शासकीय कार्य के अलावा मैंने इन कार्यों को भी जिम्मेदारी के साथ निभाया जिससे कि उच्च अधिकारियों का तथा कर्मचारियों का मुझको पूर्ण रूप से सहयोग मिला। वर्तमान में 2021 से धमतरी वन मंडल में पदस्थ टी.आर. वर्मा के आने बाद से मुझको मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। धमतरी परिक्षेत्र के अंतर्गत कुरुद सर्कल में लगभग 11 महिने से मैं प्रभार पर रही व शासकीय कार्यो का निर्वहन किया। कुरुद में आरा मीलों की अधिकता है जहां मेरे द्वारा समय समय पर निरीक्षण किया जाता रहा। अवैध रूप से चल रहा कहुआ परिवहन पर भी कार्यवाही किया गया है। मेरे द्वारा गातापार तथा सेमरा आरा मील को अधिकारियों की सहयोग से कहुआ काष्ठपाये जाने पर सील किया गया मेरे द्वारा अपने कार्य को जिम्मेदारी के साथ किया गया लेकिन उक्त एस.डी.ओ. द्वारा आरा मीलों से पैसा वसूली कर लाने हेतु दबाव बनाया गया जिसे मेरे द्वारा इंकार करने के बाद टी.आर. वर्मा द्वारा मुझे धमकी दिया गया। टी.आर. वर्मा से शासकीय कार्य हेतु कार्यालय में मुलाकात के दौरान गंदा मजाक करना छेड़ना तथा शारीरिक संबंध बनाने हेतु कहा जाता था जिससे मैंने इंकार किया तथा मेरे द्वारा इस तरह की हरकतों का विरोध किया गया तो उनके द्वारा मुझे धमकी दी गई कि मेरी पहुंच बहुत दूर तक है मैं मुख्यमंत्री का आदमी हूं। मैं उनको 12 लाख देकर धमतरी वन मंडल में आया हूं। मेरे ऊपर जितने अधिकारी हैं मेरे इशारों पर कार्य करते हैं मैं जिससे तुम प्रमोशन नहीं ले पाओगी। मैं जो टीप करूंगा वही उच्च अधिकारी लोग भी सहमति देंगे। मैं उनकी धमकी को हल्के में ली लेकिन वर्तमान में गोपनीय प्रतिवेदन की प्रति जब मुझको मिली तब मैंने देखा कि उनके द्वारा जितना भी मेरे खिलाफ दुश्मनी के कारण जो टीप किया गया उसे उच्च अधिकारियों ने सहमति दिया तब मेरे को समझ आया कि इनकी धमकी सही थी वर्तमान में बहुत मानसिक तनाव में हूं। 30 वर्ष की नौकरी करने के पश्चात पहली बार इस अधिकारी ने मेरी छवि को खराब किया इस तरह से मानसिक प्रताड़ना देने का अधिकार उनको किसने दिया? सीआर. को आड़े हाथ लेते हुए इन्होंने मेरा शारीरिक शोषण करने की हिम्मत किया मैं एक रेंज आफिसर की लड़की हूं। जिनको इस तरह प्रताड़ित किया गया प्रताड़ना के कारण मैं बहुत परेशान हूं इसी तरह से धमतरी वन मंडल में कार्यरत ओनिशा शर्मा (पवार) को भी एक कर्मचारी द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या जैसे कदम उठाने की कोशिश की उक्त कर्मचारी के खिलाफ धमतरी कोतवाली में एफ.आई.आर. दर्ज किया गया। जिसका मामला न्यायालय में चल रहा है इस तरह महिलाएं प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं। अत: उचित न्याय दिलाने की कृपा करें ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी महिला व पुरूष कर्मचारी के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके।













