एक बार फिर पाक हुआ बेनकाब, आतंकियों को बचाने के लिए कवर फायरिंग कर रही थी पड़ोसी मुल्क की फौज

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जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की एक और नापाक हरकत सामने आई है। पाकिस्तान सेना सीजफायर का उल्लंघन करते हुए आतंकवादियों को कवर फायरिंग दी। जानकारी के मुताबिक, तीसरे आतंकी को भागने के लिए पाकिस्तानी सेना ने कवरफायर दिया था. इतना ही नहीं, पाकिस्तान की ओर से फायरिंग भी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन उत्तरी कश्मीर जिले के उरी सेक्टर में किया गया था।

बारामूला जिले में शनिवार को सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए तीन आतंकवादियों को मार गिराया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बारामूला जिले के उरी क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके हथलंगा में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाया गया। सेना की चिनार कोर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में बारामूला के उरी क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के पास आज सुबह घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया गया।”

आतंकी घुसपैठ में पाक आर्मी का हाथ
सेना ने कहा कि सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियों का संयुक्त अभियान आज सुबह शुरू किया गया था। सेना की 161 ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर पी.एम.एस. ढिल्लो ने बारामूला में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘ पाकिस्तानी सेना की चौकी ने एक घायल आतंकवादी को बाहर निकालने के लिए अग्नि सहायता प्रदान की और उन्होंने हम पर गोलीबारी की। हमारी पाटिर्यों ने (अभियान के दौरान) क्वाडकॉप्टर का इस्तेमाल किया और पाकिस्तानी सेना ने उन पर भी गोलियां चलाईं।” उन्होंने कहा, ‘‘इस अभियान से पता चलता है कि पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों को भारतीय सीमा में भेजने और उन्हें घुसपैठ में मदद करने में शामिल है। पाकिस्तानी सेना हमारी सीमा में शांति भंग करने के लिए हथियार और नैतिक समर्थन देती है।”

ब्रिगेडियर ढिल्लों ने कहा कि मारे गए आतंकवादियों के पास से पांच किलोग्राम का शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण (आईईडी) भी बरामद किया गया । उन्होंने कहा , ‘‘हमारा अनुमान है कि उन्होंने इस आईईडी का अल्पसंख्यक इलाके जैसे किसी संवेदनशील इलाके को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल करने की योजना बनाई होगी।” उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से उन्हें खुफिया जानकारी मिल रही थी कि पाकिस्तानी संगठन घुसपैठ कर आईईडी हमले के जरिए बारामूला और उरी में शांति भंग करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ खुफिया सूचनाओं के कारण सेना और पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत किया गया है।”

सेना अधिकारी ने बताया कि आज सुबह जब मौसम खराब था, बारिश हो रही थी और कोहरा था, तब घुसपैठ की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, ‘‘ आज सुबह 6.40 बजे मौसम वास्तव में खराब था, क्योंकि बारिश हो रही थी और कोहरा था। इसी दौरान सेना की एक घात पार्टी ने देखा कि तीन से चार आतंकवादी हटलंगा नाले के पास एलओसी पार करने की कोशिश कर रहे हैं।

इसके बाद सेना की ओर से कारर्वाई की गई और दो घंटे तक गोलीबारी जारी रही। इन दो घंटों के दौरान भारतीय सेना ने यूबीजीएल, एमजीएलएस और रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल किया और इस गोलीबारी में एक आतंकवादी को मार गिराया गया। ” उन्होंने बताया कि घात लगाकर बैठे अन्य दलों ने देखा कि घायल हुए दो आतंकवादियों ने अपना स्थान बदल लिया है और सुबह 9.15 बजे आधे घंटे तक गोलीबारी फिर से शुरू हुई , जिसमें एक अन्य आतंकवादी को मार गिराया गया। मुठभेड़ स्थल से एक ए के 47, ए के 74, सात मैगजीन और हथगोले भी बरामद किए गए। उन्होंने कहा कि यह भारतीय सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों का एक संयुक्त अभियान के कारण संभव हुआ।

उल्लेखनीय है कि घुसपैठ की कोशिश को ऐसे समय में नाकाम कर दिया गया, जब दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में लश्कर-ए-तैयबा के दो से तीन आतंकवादियों को मार गिराने के लिए बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान चल रहा है। इस अभियान के दौरान दो सेना अधिकारी और एक पुलिस उपाधीक्षक शहीद हो गए हैं। कोकरनाग वन क्षेत्र के गरोल में सुरक्षा बलों का अभियान शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा।

अनंतनाग में चौथे दिन भी जारी रहा ऑपरेशन
उधर, अनंतनाग जिले में सेना का तलाश अभियान शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादियों और सेना तथा पुलिस अधिकारियों के बीच मुठभेड में सेना के दो शीर्ष अधिकारियों और एक पुलिस अधिकारी की मौत के पीछे जिन आतंकवादियों का हाथ था वे अभी भी वन क्षेत्र में छिपे हुए हैं। सेना का आज गडोले कोकेरनाग के जंगलों में तलाश अभियान फिर से शुरू होने पर उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने उस क्षेत्र का दौरा कर अभियान परिचालन स्थिति की समीक्षा की। सेना ने यहां जारी बयान में कहा, ‘‘उन्हें ग्राउंड कमांडरों ने उच्च तीव्रता वाले अभियान के बारे में जानकारी दी है।

अभियान में निगरानी और गोलाबारी के वितरण के लिए उच्च तकनीक वाले उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है, साथ ही बलों द्वारा इस्तेमाल की जा रही सटीक गोलीबारी उच्च प्रभाव के बारे में भी बताया गया। बयान में बताया गया है कि सुरक्षा बल गडोले कोकेरनाग के जंगलों में आतंकवादी ठिकाने का पता लगाने के लिए ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज इलाके से रुक-रुक कर गोलीबारी और धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

गोलीबारी से भाग खड़े हुए आतंकी
सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बल जंगल में छिपे हुए आतंकवादियों की तलाश कर रहे हैं। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों का खात्मा करने के लिए मोटरर और आरपीजी का इस्तेमाल किया है। ड्रोन के फुटेज में सुरक्षा बल की कारर्वाई में एक संदिग्ध ठिकाने को नष्ट होते दिखाया गया है। फुटेज के एक अन्य हिस्से में एक आतंकवादी के ठिकाने पर गोले दागने पर उसे वहां से भागते हुए देखा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि अभियान में समय इसलिए लग रहा है क्योंकि इलाका दुर्गम, चुनौतीपूर्ण है और सुरक्षा बल हर कदम पर अतिरिक्त सावधानी बरत रहे है। शुक्रवार देर रात कश्मीर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजय कुमार ने कहा, ‘‘सभी दो-तीन फंसे हुए आतंकवादियों को मार गिराया जाएगा।” उल्लेखनीय है कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धौंचक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक उपाधीक्षक (डीएसपी) मुजम्मिल हुमायूं सहित पांच जवान शहीद हो गये थे। सुरक्षा बल आतंकवादियों को मार गिराने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी से लैस ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनके ठिकानों पर मोटरर दाग रहे हैं।

 

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