भारतीय किसान यूनियन ने सोनम वांगचुक के आंदोलन का किया समर्थन, कल 20 जुलाई को करेंगे फिंगेश्वर में प्रदर्शन- प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही

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गरियाबंद/फिंगेश्वर : 17 जुलाई 2026 दिन शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन गरियाबंद जिला कमेटी का आवश्यक ऑनलाइन बैठक रखी गई. जिसमें प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही विशेष रूप से शामिल रहे और बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मदनलाल साहू ने किया.
इस बैठक में सांगठनिक स्थिति, किसानों की वर्तमान समस्याओं, सोनम वांगचुक के आंदोलन को समर्थन देने, संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आगामी कार्यक्रम के संदर्भ में विस्तृत चर्चा की गई. साथ ही नकटी गांव के रहवासियों को भरी बरसात में बेदखल करने की कार्यवाही की निंदा की गई और रायपुर जिला के तुता और धमतरी जिला के कोलयारी गांव के विस्थापन के सम्बन्ध में चर्चा हुई.
ऑनलाइन बैठक में प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने कहा कि छात्रों, युवाओं और देश की भावी पीढ़ी को बचाने के लिए शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से आमरण अनशन पर है. लेकिन संवेदनहीन केन्द्र सरकार उनकी मांगो पर बातचीत के लिए तैयार नहीं है. इस आंदोलन के समर्थन में देश के तमाम बुद्धिजीवी, लोकतंत्र एवं प्रकृति प्रेमी जनता एक साथ खड़ा जो 20 जुलाई को दिल्ली में संसद मार्च के रूप में साथ आ रहे हैं. लेकिन जो दिल्ली नहीं पहुंच पा रहे हैं वे अपने अपने जगहों से उन्हें समर्थन दें रहे हैं.
गरियाबंद जिलाध्यक्ष मदनलाल साहू और फिंगेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष रेखराम साहू ने बताया कि 20 जुलाई को अनशनरत सामाजिक कार्यकर्त्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचूंग के आंदोलन के समर्थन में गरियाबंद जिला के फिंगेश्वर में प्रदर्शन कर स्थानीय प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जाएगा. इस कार्यक्रम को कामयाब बनाने के लिए उन्होंने सभी, बुद्धिजीवीयों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को आह्वान किया है.

21 दिनों तक दिल्ली के जंतर मंतर पर भूख हड़ताल के बाद एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस ने शनिवार को सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर लगातार उनके सेहत की निगरानी कर रहे हैं. शनिवार सुबह अचानक ही दिल्ली पुलिस की टीम ने उनकी खराब होती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए जंतर मंतर से अस्पताल पहुंचाया था। इस दौरान अस्पताल प्रशासन उनकी हेल्थ को लेकर अपडेट भी शेयर कर रहा है. डॉक्टरों का कहना यही है कि सोनम वांगचुक को अपना अनशन तोड़ देना चाहिए। हालांकि, वांगचुक इसके लिए तैयार नहीं हैं.
सोनम वांगचुक ने अस्पताल से भेजा संदेश
अस्पताल शिफ्ट किए जाने के बाद भी सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म नहीं की है. इस बीच दिल्ली के अस्पताल से ही सोनम वांगचुक ने खास संदेश भेजा है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट में 20 जुलाई का जिक्र किया है. यही नहीं इसे आजादी का दूसरा आंदोलन बताया है. दरअसल, 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने संसद मार्च का आह्वान किया है। इसी को लेकर वांगचुक ने अपने समर्थकों को खास संदेश भेजा है.
’20 जुलाई, आजादी का दूसरा आंदोलन’
सोनम वांगचुक ने रविवार सुबह अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा, ’20 जुलाई, आजादी का दूसरा आंदोलन, भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत’। वांगचुक ने आगे लिखा, अन्याय से आजादी (जैसे पेपर लीक) डर से आजादी (मेरी गैर-कानूनी हिरासत)। भारत का दूसरा आजादी का आंदोलन। संसद तक मार्च, कृपया इसे बड़ी सफलता बनाएं.
वांगचुक ने की संसद मार्च को सफल बनाने की अपील
इस बीच वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) और सफदरगंज अस्पताल ने रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर हेल्थ बुलेटिन जारी किया. जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया था. सफदरगंज अस्पताल ने हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया कि सोनम वांगचुक को अस्पताल में जरूरी मेडिकल इलाज दिया जा रहा है. अभी उनके जरूरी हेल्थ पैरामीटर स्थिर हैं. उनके ब्लड पैरामीटर में थोड़ा बदलाव है.
इसलिए अनशन पर हैं वांगचुक
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और चिकित्सकों की सलाह पर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी के उस आंदोलन में शामिल हुए, जो 6 जून से कथित नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. वांगचुक ने 28 जून से औपचारिक रूप से आमरण अनशन शुरू किया था. वहीं, वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने का विपक्ष के नेता, समाजिक कार्यकर्ता और कुछ फिल्मी हस्तियों ने विरोध जताया है.

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