अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर साइबर थाने में दर्ज एक बड़े साइबर फ्रॉड केस ने पूरे देश में बड़ी हलचल पैदा कर दी है. दरअसल इस मामले की जांच की जिम्मेदारी प्रशिक्षु IPS अधिकारी राहुल बंसल को दी गई थी. मामले में अलग-अलग राज्यों से अब तक 23 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. लेकिन शिकायतकर्ता ने आईपीएस राहुल बंसल पर एक करोड़ रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है. जिसने हलचल बढ़ा दी है. शिकायत के बाद मामला CBI और अदालत तक पहुंचा. लेकिन अब सरगुजा रेंज IG दीपक झा ने आरोपों को लेकर पुलिस का पक्ष साफ किया है.
IG के मुताबिक अब तक की जांच में राहुल बंसल के खिलाफ रिश्वत मांगने या शिकायत में उनकी संलिप्तता का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है. हालांकि वायरल वीडियो, ऑडियो और पुलिसकर्मियों के मोबाइल नंबरों की जांच अभी जारी है. वहीं इस मामले में जांच प्रभावित न हो इस वजह से साइबर थाने में पदस्थ एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को आईजी ने पुलिस लाइन अटैच किया है. जांच में जिसके खिलाफ जो तथ्य सामने आएंगे. उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. चूंकि मामला अदालत में भी विचाराधीन है. इसलिए अदालत के निर्देशों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया तय होगी.
जानिए पूरा मामला
मिली जानकारी के मुताबिक हरियाणा निवासी आकाश कुमार पर अंबिकापुर के साइबर रेंज थाने में ठगी का मामला दर्ज है. मामला 20.15 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा है. आकाश ने सीबीआई दिल्ली कोर्ट में परिवाद दायर कर बताया कि ठगी के केस की जांच के दौरान कार्रवाई को प्रभावित करने अंबिकापुर सीएसपी (ट्रेनी IPS) राहुल बंसल ने एक करोड़ की मांग की.
शिकायतकर्ता आकाश ने दावा किया कि रिश्वत की रकम हवाला नेटवर्क के जरिए IPS तक पहुंचाई गई थी. इस पूरे घटनाक्रम में एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी. बातचीत का स्क्रीन शॉट और ऑडियो रिकॉर्ड भी उनके पास है.
IPS, ASI और आरक्षक से मांगा गया जवाब
पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने पूर्व में सीबीआई निदेशक को लिखित शिकायत देकर घटनाक्रम की जांच की मांग की थी. लेकिन शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया. पीड़ित ने शिकायत की काॅपी भी कोर्ट में पेश की है. कार्रवाई नहीं होने से दुखी शिकायतकर्ता ने दिल्ली सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में धारा 175 3, के तहत परिवाद दायर किया है. साथ ही आईपीएस राहुल बंसल, एएसआई प्रवीण राठौर, आरक्षक अंशुल शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7 ए, भारतीय न्याय संहिता बीएनएस 2023 की धारा 308 और 351 के तहत जुर्म दर्ज करने की मांग की है. इस शिकायत पर सीबीआई कोर्ट ने आईपीएस समेत तीनों को नोटिस जारी कर जबाव मांगा है.
आईपीएस राहुल बंसल के खिलाफ नहीं मिले कोई सबूत : आईजी
शिकायत में प्रशिक्षु IPS राहुल बंसल की कथित भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं. लेकिन सरगुजा रेंज IG दीपक झा के मुताबिक शिकायत में जिन मोबाइल नंबरों का जिक्र है. वे राहुल बंसल के नंबर नहीं हैं. वहीं वायरल ऑडियो में मौजूद आवाज भी राहुल बंसल की नहीं है. IG के मुताबिक अब तक की जांच में राहुल बंसल के खिलाफ रिश्वत मांगने या शिकायत में किसी तरह की संलिप्तता का कोई सबूत सामने नहीं आया है. हालांकि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है.
2026-08-14











