आधी रात राहगीर पर भालुओं के झुंड ने किया हमला, चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण, ग्रामीणों ने बचाई जान, युवक गंभीर, गंभीर हालत में रायपुर रेफर

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कांकेर : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में जंगली भालुओं के झुंड ने देर रात एक राहगीर पर हमला कर दिया. घटना चारामा ब्लॉक के हल्बा चौकी क्षेत्र के बड़ाटोला गांव की है. भालुओं के अचानक हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. आसपास मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह उसे संभाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की. डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया है. घायल युवक का कांकेर जिला अस्पताल में इलाज जारी है. घटना के बाद से बड़ाटोला और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है.
आधी रात रास्ते में भालुओं से हुआ सामना
मिली जानकारी के मुताबिक जेपरा निवासी मिथलेश गंगबेर सोमवार रात करीब 12 बजे बड़ाटोला क्षेत्र से गुजर रहे थे. इसी दौरान रास्ते में उनका सामना भालुओं के एक झुंड से हो गया. इससे पहले कि मिथलेश कुछ समझ पाते, भालुओं ने अचानक उन पर हमला कर दिया. भालुओं के हमले में मिथलेश के शरीर पर गंभीर चोटें आईं. रात का समय होने के कारण आसपास तत्काल मदद के लिए कोई मौजूद नहीं था. युवक ने बचाव के लिए जोर-जोर से चीखना शुरू किया. उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े.
ग्रामीणों को देखकर जंगल की तरफ भागे भालू
ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के बाद भालुओं का झुंड वहां से जंगल की तरफ भाग गया. इसके बाद ग्रामीणों ने घायल मिथलेश को संभाला और उसकी हालत की जानकारी ली. गंभीर चोटों को देखते हुए तत्काल संजीवनी 108 एंबुलेंस को खबर दी गई. खबर मिलने के बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल युवक को प्राथमिक सहायता के बाद कांकेर जिला अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है. चिकित्सकों के मुताबिक़ भालू के हमले की वजह से युवक को गंभीर चोटें आई हैं.
भालुओं की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में डर
घटना के बाद बड़ाटोला सहित आसपास के गांवों में जंगली भालुओं को लेकर डर का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से भालुओं की आवाजाही लगातार देखी जा रही है. जंगल से निकलकर भालू कई बार गांव और आसपास के रास्तों तक पहुंच रहे हैं. सबसे ज्यादा खतरा रात के समय राहगीरों और ग्रामीणों को बना रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरा होने के बाद जंगल से लगे रास्तों पर लोगों का आना-जाना रहता है. ऐसे में भालुओं की मौजूदगी किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है.
दो दिन पहले बुजुर्ग महिला पर भी हुआ था हमला
बारडोला और आसपास का इलाका वन्यजीवों की आवाजाही के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है. यहां भालू और तेंदुओं की गतिविधियां सामने आती रही हैं. खास बात यह है कि करीब दो दिन पहले इसी बारडोला गांव में एक बुजुर्ग महिला पर भी भालू ने हमला किया था. लगातार कम अंतराल में हुई इन घटनाओं से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है.
ग्रामीणों ने रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की
ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के इलाकों में भालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है. ऐसे में वन विभाग को संवेदनशील गांवों में रात के समय गश्त बढ़ानी चाहिए. ग्रामीणों ने भालुओं की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें आबादी वाले इलाकों से दूर रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है.
वन विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा
घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. विभाग के मुताबिक रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचना चाहिए। बहुत जरूरी होने पर समूह में ही घर से निकलना बेहतर है. आसपास जंगली जानवर की मौजूदगी, पंजों के निशान या किसी तरह की आहट मिलने पर लोग खुद उसके करीब जाने की कोशिश न करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें. फिलहाल युवक का रायपुर में इलाज जारी है. वहीं वन विभाग की टीम क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रख रही है.

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