गैजेट्स का इस्तेमाल किस कदर बढ़ गया है, इसे तो हम सब अपने आसपास आसानी से देख ही सकते हैं. हम फोन, टैब, लैपटॉप, कंप्यूटर से होने वाली सहूलियत के बारे में तो बात कर लेते हैं, लेकिन इस बारे में कोई बात नहीं होती कि इससे नुकसान कितने बढ़ गए हैं. बहुत कम लोग इस बात का जिक्र करते होंगे कि फोन या कंप्यूटर से निकलने वाली ब्लू लाइट आखों पर क्या असर करती है.
कंप्यूटर से निकलने वाली ब्लू लाइट शॉर्ट वेव लेंथ के साथ आती है और इसमें ज़्यादा एनर्जी होती है. इसे देर तक देखा जाए तो इससे आंखों की रोशनी पर बुरा असर पड़ता है. इससे रेटिनल डैमेज होन का खतरा भी रहता है. इतना ही नहीं इससे सिर दर्द, ब्लर विजन, आंखों में सूखापन होने की भी शिकायत रहती है.
बात तो ये है कि खतरों के बारे में जानने के बावजूद इसपर काम करना तो बंद नहीं किया जा सकता है, क्योंकि ऑफिस का काम तो आपको लंबे समय तक के लिए ही करना होता है. लेकिन ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रख कर अपनी आंखो की बचत कर सकते हैं
ब्लू लाइट फिल्टर वाला चश्मा:- ब्लू लाइट फिल्टर वाले चश्में आते हैं. इसका लेंस आंखों के तनाव के लक्षणों को लगभग तुरंत दूर करने में मदद करता है. खासतौर पर जब आप रात में काम करते हैं तो ये बहुत कारगर साबित होता है. ब्लू कट लेंस 10 से 90% नीली रोशनी को ब्लॉक करता है, और ये कलर विकृति को रोककर LEV लाइट ट्रांसमिशन की अनुमति देते हुए HEV ब्लू लाइट रोशनी को ब्लॉक करने में भी मदद करता है.
इस तरह ये HEV लाइट से हमारी आंखों को होने वाले नुकसान से बचाता है. ब्लू कट वाला चश्मा पहनने की सलाह उन लोगों को दी जाती है, जो बहुत ज़्यादा समय घर के अंदर बिताते हैं, स्मार्टफोन और कंप्यूटर का खूब इस्तेमाल करते हैं.
20:20:20 रूल अपनाएं:- हर 20 मिनट में स्क्रीन से 20 फीट की दूरी पर अपनी निगाहें घुमाएं और 20 सेकंड के लिए किसी दूर की चीज़ पर फोकस करें.











