1995 में आई ‘त्रिमूर्ति’ उस दौर की मोस्ट अवेटेड फिल्म में से एक हैं. फिल्म में 80 के दशक की सुपरहिट जोड़ी अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ के साथ 90 के दशक के चार्मिंग हीरो शाहरुख खान जैसे स्टार्स जो थे. फिल्म सुभाष घई ने प्रोड्यूस किया था. ये सुभाष घई के प्रोडक्शन हाउस मुक्ता आर्ट्स की पहली फिल्म थी. फिल्म को डायरेक्ट मुकुल आंनद ने किया था. ये एक्शन ड्रामा फिल्म बॉलीवुड की पहले दिन 1 करोड़ कमाने वाली पहली फिल्म बनीं, लेकिन ऐसा क्या हुआ कि अगले ही दिन ये फिल्म फ्लॉप हो गई.
‘त्रिमूर्ति’ की अनाउंसमेंट और प्रोमो देखने के बाद फैंस इस फिल्म को देखने के लिए बेकरार थे. लेकिन एक नहीं 3-3 स्टार होने के बाद भी फिल्म फ्लॉप घोषित हो गई. इस फिल्म को डायरेक्ट मुकुल आंनद ने किया था, जो अमिताभ बच्चन के साथ हम और खुदा गवाह जैसी फिल्में बना चुके थे. फिर क्यों फिल्म फ्लॉप घोषित हुई. इसका कारण आपको बताते हैं.
क्या है फिल्म की कहानी
त्रिमूर्ति तीन ऐसे भाइयों की कहानी थी जो एक-दूसरे से नफरत करते हैं. जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर और शाहरुख खान ने इन तीनों भाइयों की भूमिका निभाई थी. प्रिया तेंदुलकर इनकी मां बनी थी, जो पुलिस ऑफिसर की भूमिका में थी, जिसे गलत आरोपों में जेल में डाल दिया जाता है.
पहली बार कोई फिल्म सुभाष घई ने की थी प्रोड्यूस
मुकुल आंनद डायरेक्टर तथा सुभाष घई प्रोड्यूसर. आलिया भट्ट के मामा करण राजदान ने ‘त्रिमूर्ति’ की स्क्रिप्ट लिखी थी. उन्होंने टीवी के कई कार्यक्रमों के साथ कई फिल्मों की कहानी भी लिखा, जैसे दुश्मन, दिलवाले, लव स्टोरी 2050. सुभाष घई के करियर की ‘त्रिमूर्ति’ ऐसी पहली फिल्म थी, जिसको उन्होंने प्रोड्यूस किया था.
11 करोड़ की लागत और कमाए 8 करोड़
‘त्रिमूर्ति’ की कहानी तो लोगों को पसंद नहीं और फिल्म के गानें भी कुछ कमाल नहीं दिखा सके. 90 के दशक में जब फिल्मों में गाने ही इसकी जान हुआ करते थे, तब लोगों ने इस फिल्म के गानों को भी प्यार नहीं दिया. फिल्म को बनाने में 11 करोड़ रुपये की लागत लगी थी. पहले दिन 1 करोड़ कमाने के बाद बॉक्स ऑफिस पर यह केवल करीब साढ़े 8 करोड़ रुपये ही कमा सकी.
फ्लॉप हुई फिल्म तो लगे आरोप
फिल्म फ्लॉप हुई तो सभी एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे. कोई स्क्रिप्ट को कमजोर बताने लगा तो कोई फिल्म के डायरेक्शन में कमी निकालने लगे. मुकुल आंनद का कहना था कि त्रिमूर्ति, सुभाष घई का बेबी था. भले ही सुभाष घई ने फिल्म को डायरेक्ट नहीं किया, लेकिन स्क्रिप्ट से लेकर बैकग्राउंड म्यूजिक तक हर चीज में उनका हस्तक्षेप था. इसे पुराने स्टाइल की एक्शन फिल्म जैसा शूट किया, जबकि 1995 के दर्शक नई लव स्टोरी, नई कहानी चाहते थे.
सुभाष घई ने शाहरुख के कैरेक्टर में कराए बदलाव
मुकुल के मुताबिक, सुभाष घई ने कई सीन अपने तरीके से शूट करवाए. सुभाष घई ने शाहरुख के कैरेक्टर में भी कई बदलाव करवाए, जबकि उनका कैरेक्टर स्क्रिप्ट में कुछ और ही लिखा गया था. सिर्फ इस कारण कि दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (डीडीएलजे) के बाद शाहरुख की स्टार इमेज बन चुकी थी. लेकिन इसके बाद भी उन्होंने फिल्म से उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ.










