सुप्रीम कोर्ट के सुप्रीम फैसले आने के बाद अयोध्या की न सिर्फ तकदीर बदली, बल्कि तस्वीर भी बदल दी गई. अयोध्या में जैसे-जैसे मंदिर आकार ले रहा है वैसे-वैसे राम भक्तों की संख्या भी बढ़ती जा रही है. मंदिर के प्रथम चरण का निर्माण लगभग 90 फीसदी पूरा कर लिया गया है. वहीं भगवान राम जहां विराजमान होंगे उस गर्भगृह का काम भी लगभग पूरा हो गया है.
अक्टूबर 2023 में भगवान राम के प्रथम चरण का कार्य पूरा हो जाएगा और जनवरी के तीसरे सप्ताह में भगवान राम अपने भव्य मंदिर में विराजमान होकर दिव्य दर्शन देंगे. खास बात यह है जहां भगवान राम विराजमान होंगे, वहां का स्थान स्वर्ण जड़ित किया जाएगा. इसके लिए तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तैयारी भी शुरू कर दी है.
रामलला के विराजमान होने के पहले भगवान रामलला के मंदिर के सिंहासन को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. रामलला के बहुप्रतीक्षित मंदिर की हर एक चीज खास होगी. राम भक्तों की इच्छा का सम्मान करते हुए ट्रस्ट मंदिर का निर्माण बहुत ही मजबूत, खूबसूरत और अलौकिक समावेश के साथ करा रहा है.
गर्भगृह के द्वार सोने के जड़ित होंगे
वैसे तो बालक स्वरूप भगवान राम मंदिर में विराजमान होंगे जिसकी लंबाई 5 फुट होगी कमल दल पर सवार होंगे. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की माने तो भगवान राम जहां विराजमान होंगे उनका सिंहासन संगमरमर का होगा. तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट आगे उस पर स्वर्ण जड़ित करने की योजना बना रहा है, हालांकि जब यह सब कार्य संपन्न होंगे तो मंदिर की छटा अद्भुत और अलौकिक होगी. शायद यही वजह है कि भव्य मंदिर निर्माण को देखकर हर राम भक्त उत्साहित हैं.
सिंहासन भी होगा स्वर्ण जड़ित!
राम भक्तों का कहना है की हजारों वर्षों का सपना अब साकार हो रहा है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य अनिल मिश्रा की मानें तो राम मंदिर के प्रत्येक खंभे पर मूर्तियां बनाई जाएंगी. मूर्तियां बनने के बाद मंदिर की क्या छटा निकलेगी जिसकी आप कल्पना कर सकते हैं. इतना ही नहीं भगवान राम जहां विराजमान होंगे, उनका सिंहासन संगमरमर का बनाया जा रहा है. आगे उस पर स्वर्ण जड़ित किया जाएगा.
90 फ़ीसदी काम पूरा
वहीं दूसरी तरफ तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कैंप कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता बताते हैं कि भगवान राम का मंदिर निर्माण के प्रथम चरण का काम 90 फीसदी पूरा कर लिया गया है. जनवरी में भगवान राम भव्य मंदिर में विराजमान होंगे. राम भक्तों की भी इच्छा है कि भगवान राम जहां विराजमान होंगे, उसको स्वर्ण जड़ित किया जाए. बताया कि जब मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होती है, तब श्रद्धालु अपने आराध्य को दान देते हैं. उस दान में रुपये पैसे से लेकर आभूषण भी होते हैं. उसी आभूषण से मंदिर को स्वर्ण जड़ित किया जाता है.











