अधिक मास में भूलकर भी ना करें 8 काम, रुष्ट हो सकते हैं भगवान विष्णु और महादेव

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हिंदू पंचांग में 12 माह होते हैं, परंतु हर तीसरे साल अधिक मास होने की वजह से 1 साल में 13 महीने बनते हैं. अधिक मास का सनातन धर्म में विशेष महत्व बताया गया है. इसमें भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और कई ऐसे काम हैं जिन्हें करना वर्जित माना गया है. परंतु कुछ ऐसे भी कार्य है जो मलमास में किए जाते हैं. साल 2023 में अधिक मास बना है जो बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि ये संयोग हर 19 साल में बनता है. श्रावण अधिक मास में भगवान विष्णु और भोलेनाथ की पूजा करना बेहद लाभकारी माना गया है. इस दौरान कौन से काम है जिन्हें नहीं करना चाहिए और कौन से काम है जो करने से लाभ मिलता है. आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से.

भूलकर भी ना करें 8 काम
वैदिक ज्योतिष के अनुसार मलमास में कुछ कार्य वर्जित होते हैं, जिन्हें करने से भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं. इस बार सावन अधिक मास होने की वजह से ये वर्जित काम करना महादेव और भगवान विष्णु दोनों को नाराज कर सकता है. आइए जानते हैं अधिक मास में कौन से वे काम हैं जिन्हें करने से बचना चाहिए. इस माह में गृह प्रवेश, विवाह, सगाई, गृह निर्माण, नववधू का प्रवेश, देवी देवता की प्राण प्रतिष्ठा, बोरवेल, जलाशय जैसे काम करने की सख्त मना है होती है.

कर सकते हैं ये काम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पुरुषोत्तम मास में पूजा पाठ, व्रत, दान, भजन कीर्तन का विशेष महत्व बताया गया है. इस दौरान श्रीमद्भागवत गीता, यज्ञ, हवन, भाग्वत पुराण और विष्णु पुराण का पाठ या श्रवण करना बेहद लाभकारी माना गया है.

पा सकते हैं विशेष लाभ
पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है. इस दौरान उनके मंत्रों का जाप और पूजा करके आप उनकी विशेष कृपा पा सकते हैं. ऐसा करने से भक्तों को जाने अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है और उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो सकती है.

 

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