बीएसपी कार्मिकों के लिए राहत भरी खबर है। अब उनके पेंशन खाते में हर महीने प्रबंधन बेसिक और डीए का 3 प्रतिशत राशि जमा करेगी। पहले यह राशि एकमुश्त साल में एक बार जमा की जा रही थी। इससे कार्मिकों को ब्याज का नुकसान हो रहा था। हर महीने जमा किए जाने से उन्हें ब्याज के नुकसान से राहत मिल जाएगी।
सेल की अपनी अलग पेंशन स्कीम है। जिसमें वह कार्मिकों के पेंशन खाते में बेसिक और डीए का 9 प्रतिशत राशि जमा करती है। हालांकि यह वृद्धि वेज रिवीजन के बाद की गई। इसके पहले कर्मचारियों और अधिकारियों के पेंशन खाते में सेल प्रबंधन का अंशदान अलग-अलग था। कर्मचारियों के खाते में 6 प्रतिशत और अधिकारियों के खाते में 9 प्रतिशत अंशदान दिया जा रहा था। यह अंशदान तब दिया जाता था, जब कंपनी का प्रॉफिट में रहती थी।
कंपनी के घाटे में होने पर कर्मियों के खाते में 2 प्रतिशत और अफसरों के खाते में 3 प्रतिशत ही अंशदान दिया जा रहा था। वह भी वित्तीय नतीजे घोषित होने के बाद 12 महीने की राशि एकमुश्त जमा कर दी जाती थी। इससे राशि पर मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज का नुकसान हो रहा था। इसे देखते हुए सेफी चेयरमैन एनके बंछोर सेल प्रबंधन से हर महीने पेंशन खाते में प्रबंधन के अंशदान की राशि जमा करने की मांग की थी। सेल प्रबंधन ने इसे लेकर 25 जुलाई को आदेश जारी कर दिया।
नई पेंशन स्कीम ईपीएस 95 का फार्मूला नहीं बन पाने की वजह से कार्मिक अभी भी असमंजस की स्थिति में है। क्योंकि उन्हें नए स्कीम में बढ़ा हुआ पेंशन लेने के लिए अपने अंशदान के अंतर की राशि जमा करना होगा। अभी तक कार्मिक फिक्स 1250 रुपए अंशदान जमा कर रहे थे। जबकि नई स्कीम के लागू होने से 12 प्रतिशत में से 9.48 प्रतिशत अंशदान जमा करना होगा। लिहाजा दोनों अंशदान की राशि में 2014 से जो भी अंतर निकलेगा उसे कार्मिक को जमा करना होगा। यह राशि लाखों में रहेगी।
वेज रिवीजन के बाद अफसरों के बराबर अंशदान मिलेगा कर्मचारी लंबे समय से अफसरों के जितना प्रबंधन का अंशदान दिए जाने की मांग कर रहे थे। जिसके बाद वेज रिवीजन में प्रबंधन ने कर्मचारियों को दिए जाने वाला पेंशन का अंशदान अफसरों के बराबर कर दिया। अब कर्मचारियों को भी प्रबंधन पेंशन खाते में 9 प्रतिशत अंशदान दे रहा है। वहीं हर महीने अंशदान का भुगतान किए जाने से अफसरों के खाते में 3 हजार से 7 हजार और कर्मचारियों के खाते में 1200 से 2500 रुपए जमा होने लगेगा।
मुनाफा होने पर अंतर की 6 प्रतिशत राशि दी जाएगी कंपनी को लाभ या घाटा होने पर 3 प्रतिशत राशि कार्मिकों के पेंशन खाते में हर महीने तो जमा होने लगेगी। लेकिन घाटा होने पर कुछ भी अंशदान नहीं मिलेगा। वहीं लाभ होने पर अंतर का 6 प्रतिशत अंशदान वित्तीय नतीजे घोषित होने के बाद एकमुश्त जमा की जाएगी। हालांकि लाभ के लिए भी प्रबंधन ने कठिन फार्मूला बना रखा है। जिसके मुताबिक एक निश्चित लाभ की स्थिति में बचा हुआ 6 प्रतिशत का अंशदान मिलेगा। कम लाभ होने की स्थिति में कार्मिकों को अंतर के अंशदान से वंचित रहना पड़ेगा।
प्रबंधन को लाभ का पैमाना हटा देना चाहिए बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) के अध्यक्ष अमर सिंह का कहना है सेल प्रबंधन ने पेंशन में अंशदान के लिए लाभ और नुकसान को जो पैमाना बना रखा है, उसे हटा देना चाहिए। क्योंकि कर्मचारी तो समान रूप से मेहनत करते हैं। उसके बाद भी कंपनी को घाटा होता है तो उसके लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। ऐसी स्थिति प्रबंधन की नीतियों के वजह से निर्मित होती है। इसके लिए उन्होंने बीते वित्त वर्ष के नतीजे का हवाला दिया। जब एबिटा 9000 करोड़ था लेकिन प्रबंधन की नीतियों के कारण लाभ महज 1900 करोड़ हुआ था।









