सुकमा के दुष्कर्म मामले में आक्रोश बढ़ा, पुतला दहन कर जताया विरोध

Spread the love

सुकमा जिले के एर्राबोर थाना के पेटाकेबिन आदिवासी बालिका छात्रावास में 5 वर्ष की छात्रा के साथ दुष्कर्म की वारदात की पारदर्शिता से जांच करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित बच्ची व उनके परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की गई। इसके साथ ही जिला मुख्यालय बालोद में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, सुकमा जिले के कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा का पुतला दहन किया गया।

जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्णकांत पवार ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए शर्मनाक घटना बताया। किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू ने कहा कि प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है, प्रदेश से घटना की जांच हेतु भाजपा की एक समिति बनाई गई किंतु वहां जाने से रोकने हेतु सरकार ने पूरी व्यवस्था की थी, ताकि सत्य उजागर ना हो। इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष राकेश यादव, मंत्री जयेश ठाकुर, प्रेम साहू, सुरेश निर्मलकर, सुरेन्द्र देशमुख, कमलेश सोनी, मणिकांत बघेल, अब्दुल इब्राहिम ,नरेंद्र सोनवानी, कमल पनपालिया, संजय साहू, रौनक कत्याल, सुनीता मनहर, कल्याणी कौशिक ,सुशीला यादव, निर्मला यादव ,चंद्रप्रभा गुप्ता , गंगा शर्मा, प्रतिमा यादव, सुखवंतिन यादव ,कौशल्या मेश्राम ,सुदामा साहू, पिंकी रानी चंद्राकर उपस्थि​त थी।

महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष दीपा साहू ने कहा कि एर्राबोर थाना के आदिवासी छात्रावास में पहली कक्षा की छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म की जांच होनी चाहिए। पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रतिभा चौधरी ने कहा कि यह घटना दिल दहला देने वाली है 500 की क्षमता वाले आदिवासी छात्रावास में 440 छात्राएं हैं मगर दरिंदों के सामूहिक दुष्कर्म किया यह दुखद है। जिला महामंत्री लीला शर्मा ने कहा कि इतनी बड़ी घटना में संवेदन हीनता प्रदेश सरकार व कांग्रेस के नेताओं को पीड़ित बच्ची से मिलने व संवेदना व्यक्त करने की फुर्सत नहीं है।

 

Author