एमसीबी : मनेंद्रगढ़ जिला में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस पाइपलाइन बिछाने के दौरान हुए एक सड़क हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया. निर्माण कार्य में लगी जेसीबी की चपेट में आने से 24 साल के युवक की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसे के बाद परिजन, स्थानीय नागरिक और कांग्रेस नेताओं ने कोतवाली पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए.
जेसीबी की टक्कर से युवक की मौत, एक घायल
मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार देर रात मनेंद्रगढ़ शहर में बीपीसीएल की सिटी गैस पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था. इसी दौरान निर्माण कार्य में लगी जेसीबी मशीन ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया गया.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद बड़ी तादाद में परिजन, स्थानीय नागरिक और कांग्रेस के नेता मनेंद्रगढ़ कोतवाली पहुंचे. चश्मदीदों ने आरोप लगाया कि शहर के बीचों-बीच गैस पाइपलाइन का निर्माण कार्य बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के कराया जा रहा था. उनका कहना था कि कई स्थानों पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए और न ही यातायात संचालन के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई. जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही थी.
एफआईआर, मुआवजा और नौकरी की मांग
प्रदर्शनकारियों ने जेसीबी चालक की फौरन गिरफ्तारी, वाहन की जब्ती, दोषियों के खिलाफ एफआईआर, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग की. कई घंटों तक कोतवाली के बाहर धरना और नारेबाजी जारी रही.
रिश्तेदार का आरोप- बच्चे के लिए दूध लेने निकला था युवक
मृतक के रिश्तेदार देव सिंह घोजी ने बताया कि मृतक मूल रूप से मध्यप्रदेश के सागर जिले का रहने वाला था और पिछले छह-सात साल से अपनी ससुराल मनेंद्रगढ़ में रह रहा था. उसके दो छोटे बच्चे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि युवक अपने बच्चे के लिए दूध लेने निकला था. तभी जेसीबी ने उसे टक्कर मार दी. उनका यह भी आरोप है कि चालक घटना के बाद मौके से फरार हो गया और कई घंटे तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने परिवार से संपर्क नहीं किया.
कांग्रेस ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर साधा निशाना
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं कांग्रेस जिला महामंत्री राजकुमार केशरवानी ने आरोप लगाया कि हादसे के कई घंटे बाद तक न तो जेसीबी जब्त की गई और न ही चालक की गिरफ्तारी हुई. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए कराया जा रहा था और बीपीसीएल का कोई जिम्मेदार अधिकारी भी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा.
प्रशासन ने कार्रवाई का दिया भरोसा
मौके पर पहुंचे अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर कार्रवाई का आश्वासन दिया. प्रशासन ने मृतक परिवार को हर संभव मदद देने की बात कही.
पुलिस ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. जेसीबी की पहचान की जा रही है और चालक व वाहन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. साथ ही शासन की सहायता राशि और मोटर दुर्घटना दावा प्रक्रिया में भी परिवार को मदद देने का भरोसा दिया गया.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि गैस पाइपलाइन निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों में लापरवाही हुई या नहीं और अगर हुई तो जिम्मेदारों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है.
2026-07-12











