नया रायपुर 1076 एकड़ जमीन को लेकर गरमाई सियास, केदार कश्यप ने कांग्रेस के आरोपों को बताया झूठ, तो अकबर बोले- दस्तावेज पहले ही सार्वजनिक

Spread the love

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी गांव समेत छह गांवों की 1076 एकड़ जमीन को लेकर पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर द्वारा सरकार पर नगर विकास योजना के नाम पर जमीन निजी डेवलपर्स को सौंपने की तैयारी का आरोप लगाए जाने के बाद वन मंत्री केदार कश्यप ने पलटवार करते हुए आरोपों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है. कांग्रेस ने विधानसभा में भी सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है.
केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के पास न कोई तथ्य है और न ही कोई प्रमाण. उन्होंने मोहम्मद अकबर को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर आरोपों में सच्चाई है तो दस्तावेज सार्वजनिक करें. अन्यथा प्रदेश की जनता से माफी मांगें.
उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जिस भूमि से जुड़ी पूरी प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी. पहले उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. उनके मुताबिक कांग्रेस सरकार के संरक्षण में वर्षों तक सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे होते रहे और अब जब साय सरकार वैधानिक कार्रवाई कर रही है तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है.
अकबर का जवाब- दस्तावेज पहले ही सार्वजनिक
मंत्री के बयान के बाद मोहम्मद अकबर ने पलटवार करते हुए कहा कि केदार कश्यप की चुनौती स्वीकार है. लेकिन उन्हें पहले संबंधित विभाग की निविदा पढ़ लेनी चाहिए थी.
मोहम्मद अकबर ने कहा कि 11 जुलाई को ही उन्होंने मीडिया के सामने सभी दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए थे. उनके मुताबिक नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) की 245 पृष्ठों की निविदा में स्पष्ट उल्लेख है कि नकटी, सेरीखेड़ी, मंदिर हसौद, रमचंडी, बरौंदा और रीको की 436.0152 हेक्टेयर (करीब 1076 एकड़) भूमि टाउन डेवलपमेंट स्कीम (TDS) के तहत शामिल है.
उन्होंने दावा किया कि निविदा के पहले पृष्ठ में ही डेवलपर के चयन और आधारभूत संरचना विकसित करने के बदले मिश्रित उपयोग (मिक्स यूज) भूमि के विकास एवं विक्रय अधिकार दिए जाने का उल्लेख है. साथ ही, पृष्ठ 6 पर संबंधित गांवों का विवरण और पृष्ठ 28 से 31 तक ले-आउट व नक्शे भी उपलब्ध हैं.
पूर्व मंत्री ने कहा कि उनका आरोप यह नहीं है कि जमीन सौंप दी गई है. बल्कि सरकार यह साफ करे कि प्रस्तावित योजना में नकटी की वह विवादित जमीन शामिल है या नहीं, जहां हाल ही में विध्वंस की कार्रवाई हुई थी.
उन्होंने कहा कि अगर मंत्री को अतिरिक्त दस्तावेज चाहिए तो वे बताएं कि उन्हें कहां भेजना है.
पूर्व मंत्री ने नया रायपुर के 6 गांव की जमीन निजी डेवलपर्स को देने का लगाया था. आरोप
से एक दिन पहले ही पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने दावा किया कि सरकार नकटी समेत छह गांवों की 1076 एकड़ जमीन नगर विकास योजना के नाम पर निजी डेवलपर्स को सौंपने की तैयारी कर रही है.
पूर्व मंत्री ने कहा कि NRDA की निविदा के दस्तावेजों के मुताबिक नकटी, सेरीखेड़ी, मंदिर हसौद, रमचंडी, बरौंदा और रीको की कुल 436.01 हेक्टेयर यानी करीब 1076 एकड़ जमीन इस योजना में शामिल की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें नकटी गांव की कुछ जमीन भी शामिल है. जबकि वहां हाल ही में हुए विध्वंस को लेकर विवाद जारी है.
कांग्रेस नेता ने सरकार से सवाल किया था कि क्या इस प्लान में वही विवादित जमीन भी शामिल है. जहां हाल में तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई थी? उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.
इन्हीं आरोपों के बाद वन मंत्री केदार कश्यप का बयान आया था.
बता दें कि 29 जून को नकटी के 85 मकानों को तोड़फोड़ के बाद कांग्रेस लगातार हमलावर है. वहीं, भाजपा इस पूरे मामले को कांग्रेस सरकार में शुरू किया हुआ मामला बनाने की कोशिश में जुटा है. हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन अनुराग सिंहदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर यह दावा किया था कि नकटी में विधायक कॉलोनी बनाने का ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.
इसी के बाद लेकर मोहम्मद अकबर ने एक दस्तावेज जारी किया था. यह दस्तावेज आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद का 4 अक्टूबर 2024 को कलेक्टर को भेजा पत्र था. जिसमें नकटी की करीब 72 एकड़ भूमि विधायक और सांसदों के भूखंड के लिए खाली कराने के लिए कहा गया था.

Author