दुर्ग : छत्तीसगढ़ राज्य GST विभाग ने फर्जी बिलिंग एवं बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 करोड़ रुपये की बोगस बिलिंग के जरिए से 9.54 करोड़ रुपये के टैक्स फ्रॉड के मामले में मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड विजय कुमार यादव को 20 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश किए जाने के बाद 3 अगस्त 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है.
शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी बिलिंग के मकसद से मेसर्स माया स्टील एंड एंटरप्राइज तथा मेसर्स मायरा स्टील एंटरप्राइजेज नाम से दो फर्मों का संचालन किया. इन दोनों फर्मों के माध्यम से लगभग 53 करोड़ रुपये की बोगस बिलिंग कर 9.54 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) विभिन्न फर्मों को हस्तांतरित किया गया.
विस्तृत जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी ने बंद एवं फर्जी फर्मों से प्राप्त फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर उसका उपयोग अपनी कर देनदारियों के भुगतान में किया.
जांच में सामने आईं प्रमुख अनियमितताएं
10 ऐसी फर्मों से, जिनका GST पंजीयन निरस्त हो चुका था या जो आपस में संबंधित पक्ष थीं, जबकि उनके बीच वास्तविक रूप से विलय, डी-मर्जर अथवा अमलगमेशन नहीं हुआ था. फॉर्म ITC-02 के जरिए 6.13 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा और उपयोग किया गया.
पंजाब सहित अन्य राज्यों की 9 ऐसी फर्मों से, जिनका GST पंजीयन निरस्त था या जो अस्तित्वहीन थीं तथा जिनसे वास्तविक रूप से किसी तरह की माल आपूर्ति नहीं हुई. 1.99 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा और उपयोग किया गया.
बिना किसी वास्तविक खरीद के, GSTR-2B की तुलना में GSTR-3B में 1.41 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट दावा कर उसका फायदा लिया गया.
जांच के मुताबिक आरोपी ने न सिर्फ 9.54 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट अन्य फर्मों को हस्तांतरित किया. बल्कि खुद भी समान राशि के फर्जी ITC का दावा और उपयोग किया. बिना वास्तविक माल की खरीदी-बिक्री किए सिर्फ बिलों के आधार पर लेन-देन दर्शाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ लिया गया. जिससे शासन को राजस्व का नुक्सान हुआ.
2026-07-22











