बालाजी गैस एजेंसी में ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतों के बाद बड़ा एक्शन, छापामारी में 939 सिलेंडर जब्त, ऑनलाइन बुकिंग के बहाने दुसरे को बेचने का आरोप

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बिलासपुर : बालाजी गैस एजेंसी के मगरपारा स्थित कार्यालय एवं महाराणा चौक स्थित गैस गोदाम में जिला प्रशासन की संयुक्त जांच टीम ने छापामार शैली में कार्रवाई करते हुए कुल 939 गैस सिलेंडर जब्त किया. इनमें 452 भरे और 487 खाली सिलेंडर शामिल हैं. जांच के दौरान ऑनलाइन दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक में बड़ी विसंगति सामने आई. ऑनलाइन रिकॉर्ड के मुताबिक 864 भरे सिलेंडर होने थे. जबकि मौके पर सिर्फ 452 भरे सिलेंडर मिले. इस तरह 412 भरे गैस सिलेंडर कम पाए गए.
बालाजी गैस एजेंसी के खिलाफ उपभोक्ताओं से लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राजस्व, खाद्य विभाग और आईओसीएल की संयुक्त जांच टीम गठित कर एजेंसी के स्टॉक और शिकायतों की जांच के निर्देश दिए थे. कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने दोनों परिसरों में औचक जांच की और मौके पर ही स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया.
जांच के दौरान घरेलू और व्यावसायिक श्रेणी के गैस सिलेंडरों के ऑनलाइन स्टॉक का मौके पर उपलब्ध सिलेंडरों से मिलान किया गया. ऑनलाइन रिकॉर्ड में कुल 864 भरे सिलेंडर प्रदर्शित थे. जबकि भौतिक सत्यापन में 452 भरे सिलेंडर ही उपलब्ध पाए गए. इस तरह 412 भरे सिलेंडर कम मिले. वहीं रिकॉर्ड में 473 खाली सिलेंडर दर्ज थे. जबकि मौके पर 487 खाली सिलेंडर पाए गए. जो रिकॉर्ड से 14 ज्यादा हैं.
स्टॉक में पाई गई इस गंभीर विसंगति के बाद जांच टीम ने मौके पर उपलब्ध 452 भरे और 487 खाली, कुल 939 सिलेंडरों को जब्त कर लिया. जांच दल द्वारा एजेंसी के संबंधित दस्तावेजों और स्टॉक को चेक किया गया. जांच के दौरान मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं से भी एजेंसी की सेवाओं के बारे में जानकारी ली गई और उनके बयान दर्ज किए गए. एजेंसी के खिलाफ बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलने, ऑनलाइन डिलीवरी प्रदर्शित होने के बावजूद वास्तविक रूप से सिलेंडर प्राप्त नहीं होने जैसी शिकायतें मिल रही थीं. कॉल सेंटर एवं सीएम हेल्पलाइन 1076 में भी एजेंसी के खिलाफ शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है.
जांच दल में तहसीलदार प्रकाश साहू, सहायक खाद्य अधिकारी अजय मौर्य, खाद्य निरीक्षक श्रीमती विनीता दास, श्रीमती वर्षा सिंह, मंगेश कांत, श्रीमती ललिता शर्मा, आशीष दीवान, श्रीमती वसुधा राजपूत और आईओसीएल के सेल्स ऑफिसर पंकज छेतिजा शामिल रहे. जांच दल द्वारा एजेंसी से संबंधित सभी अभिलेखों, स्टॉक एवं शिकायतों की विस्तृत जांच कर सात दिन के भीतर प्रतिवेदन कलेक्टर को पेश किया जाएगा. जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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