सूरजपुर : शासकीय प्राथमिक शाला त्रिपुरेश्वरपुर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसने स्कूलों में शिक्षकों की जिम्मेदारी और छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. वायरल वीडियो में एक शिक्षक कथित तौर पर नशे की हालत में स्कूल पहुंचते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में शिक्षक लड़खड़ाते हुए कक्षा में प्रवेश करते हैं और कुछ देर बाद बच्चों के लिए बिछाई गई टाटपट्टी पर ही लेट जाते हैं. हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और शिक्षक के नशे में होने की हालत की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि शिक्षक स्कूल परिसर में पहुंचने के बाद ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे हैं और एक जगह दीवार का सहारा लेते नजर आते हैं. इसके बाद वह लड़खड़ाते कदमों से कक्षा की ओर बढ़ते हैं. कक्षा में उस समय करीब चार से पांच छोटे बच्चे दिखाई दे रहे हैं. शिक्षक कुछ देर बच्चों के बीच बैठने के बाद टाटपट्टी पर लेटते नजर आते हैं. वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है.
छोटे बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल..
प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे कम उम्र के होते हैं और उनकी पढ़ाई के साथ उनकी निगरानी की जिम्मेदारी भी स्कूल के शिक्षकों और स्टाफ की होती है. ऐसे में अगर कोई शिक्षक वास्तव में नशे की हालत में कक्षा में पहुंचता है, तो यह सिर्फ अनुशासन का मामला नहीं बल्कि बच्चों की सुरक्षा और स्कूल की जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय बन जाता है. वायरल वीडियो ने इसी पहलू को लेकर शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं.
पहले भी ऐसी शिकायतों का दावा..
स्थानीय लोगों की तरफ से स्कूलों में शिक्षकों के कथित रूप से शराब के नशे में पहुंचने और स्कूल परिसर में शराब पीने जैसी शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है. हालांकि इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की मांग है कि शिक्षा विभाग मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाए.
जांच के बाद साफ होगी हकीकत..
फिलहाल पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि वायरल वीडियो कब का है. उसमें दिखाई दे रहा व्यक्ति संबंधित स्कूल का शिक्षक ही है या नहीं और वीडियो के समय उसकी वास्तविक स्थिति क्या थी. इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. अगर जांच में शिक्षक के नशे की हालत में स्कूल आने की पुष्टि होती है. तो विभागीय स्तर पर कार्रवाई की स्थिति भी सामने आ सकती है.
वीडियो वायरल होने के बाद अब निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं. लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए और इस तरह की किसी भी शिकायत की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए.
2026-08-25











