छत्तीसगढ़ में स्मार्ट सिटी मिशन के 6 साल पूरे हो गए। मौजूदा रायपुर, नवा रायपुर और बिलासपुर को स्मार्ट सिटी मिशन में लिया गया था। भास्कर की पड़ताल के मुताबिक तीनों शहरों में कुल मिलाकर अब तक 71 प्रतिशत काम ही पूरे हो सके हैं। इनमें से भी 25 फीसदी से ज्यादा काम सौंदर्यीकरण या प्रयोगों से जुड़े थे, जो एक-दो साल में ही बर्बाद होने लगे।
इन शहरों में जनसुविधाएं जैसे मल्टी लेवल पार्किंग, स्मार्ट बाजार, 24 घंटे पानी, स्मार्ट सड़क, ट्रैफिक सिस्टम में सुधार, बेतरतीब तारों की अंडरग्राउंड केबलिंग, ड्रेनेज सिस्टम में सुधार जैसे कुल 5337.23 करोड़ रुपए के 530 प्रोजेक्ट तय किए गए थे। इनमें से 2407.47 करोड़ रुपए के 379 काम ही हो पाए। अभी 2929.76 करोड़ के 151 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इन्हें पूरा करने के लिए जून 2024 की डेडलाइन है, लेकिन सरकारी अमले का अनुमान है कि इन्हें पूरा करने पुराने रायपुर के लिए 500 करोड़ रुपए, नवा रायपुर के लिए 200 करोड़ रुपए और बिलासपुर के लिए 300 करोड़ रुपए की और जरूरत है। तीनों स्मार्ट सिटी का मौजूदा हाल बता रही है यह रिपोर्ट :-
रायपुर: एबीडी एरिया में ही 39 काम बाकी, इसके लिए चाहिए 500 करोड़
स्मार्ट सिटी मिशन में एबीडी एरिया में 12 हजार से अधिक घरों तक 180 करोड़ रुपए से 24 घंटे पानी पहुंचाने को प्रोजेक्ट को मिलाकर अभी 39 काम चल रहे हैं। साथ ही 12 करोड़ का शास्त्री हाईजीन मार्केट कांपलेक्स और 22 करोड़ का यूथ हब जैसा प्रोजेक्ट भी है, जो विवादित भी हुआ था। पुराने शहर में जो अहम काम हुए, उसमें 193 करोड़ का आईटीएमएस यानी कैमरों से शहर की निगरानी और चौक-चौराहों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट है। हालांकि यह अभी शत-प्रतिशत प्रभावी नहीं है। दोनों मल्टीलेवल पार्किंग जरूर उपयोगी साबित हो रही हैं। जो 653 करोड़ के काम अभी चल रहे हैं, उनके लिए केंद्र और राज्य से अभी 100 करोड़ का फंड ही मिला है, जबकि जानकारों के मुताबिक 500 करोड़ रुपए की जरूरत और है।
काम पूरा
- ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम 193 करोड़
- दो मल्टीलेवल पार्किंग 30 करोड़
- छह स्मार्ट सड़क निर्माण 12 करोड़
- जवाहर बाजार स्थापना 16 करोड़
- 4 आत्मानंद स्मार्ट स्कूल 8 करोड़
- महादेवघाट विसर्जन कुंड 4 करोड़
- स्टेडियम, सप्रे ग्राउंड 10 करोड़
- बूढातालाब फेस-1 18 करोड़
- आनंद समाज लाइब्रेरी 1.4 करोड़
- तालाब सौंदर्यीकरण 20 करोड़
- हैरिटेज वॉक का निर्माण 2 करोड़
- चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण : 10 करोड़
- आधा दर्जन स्मार्ट सड़के : 12 करोड़
- पानी टंकी और जोन दफ्तर : 2 करोड़
- कई जगह बापू की कुटिया : 2.36 करोड़
- स्मार्ट बस स्टैंड का निर्माण : 3 करोड़
- पिंक और स्मार्ट टायलेट : 7.50 करोड़
- शहीद स्मारक सौंदर्यीकरण : 2.85 करोड़
- घडी चौक समेत सौंदर्यीकरण: 10 करोड़
- साइकिल ट्रैक : 2 करोड़
काम जारी
- 24 घंटे स्मार्ट वाटर 180 करोड़
- शास्त्री बाजार प्रोजेक्ट 11 करोड़
- भैंसथान कांप्लेक्स प्रोजेक्ट 65 करोड़
- गंज मंडी का प्रोजेक्ट 73 करोड़
- अनुपम गार्डन यूथ हब 20 करोड़
- एसटीपी व सौंदर्यीकरण 20 करोड़
- शास्त्री बाजार कांप्लेक्स 11 करोड़
- अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य 10 करोड़
- बूढातालाब फेस-2 कार्य 10 करोड़
- ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन 8 करोड़
- साइकिल शेयरिंग सुविधा : 1 करोड़
- विभिन्न स्मार्ट पार्किंग : 0.16 करोड़
नवा रायपुर: अधिकांश काम अधूरे, कई में कटौती
नवा रायपुर स्मार्ट सिटी में पार्किंग जैसे कुछ बड़े प्रोजेक्ट पूरे हुए, लेकिन अधूरेपन की वजह से उनका उपयोग ही नहीं हो पा रहा है। भास्कर टीम ने नवा रायपुर स्मार्ट सिटी के सभी प्रोजेक्ट की जमीनी पड़ताल की।
इसमें पाया कि डिजिटल स्मार्ट सिटी यानी आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) को छोड़कर स्मार्ट सिटी के जनसुविधाओं से जुड़े काम अधूरे नजर अा रहे हैं। स्मार्ट सिटी एबीडी एरिया में करीब 80 करोड़ के स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट को आंशिक रूप से बंद किया है। उसमें भी काम अधूरा ही नजर आ रहा है। वहीं स्मार्ट ड्रेन और सेंध तालाब का सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट भी खस्ता हाल में है। वहीं 42 करोड़ का पार्किग प्रोजेक्ट भी बर्बाद हो रहा है। आंशिक तौर पर केंद्र ने इस प्रोजेक्ट को भी सरेंडर करवाया है।
आचार संहिता से रुकावट
इस साल प्रदेश में चुनाव हो रहे हैं। आचार संहिता की वजह से बहुत से कामों की गति धीमा पड़ने की आशंका भी है। इसमें रायपुर का 180 करोड़ का स्मार्ट वाटर प्रोजेक्ट भी है, जिसके लिए पूरे शहर में खुदाई चल रही है और सत्तारूढ़ पार्टी के प्रतिनिधि भी इसे रोकने की मांग कर चुके हैं।
काम पूरा
- कोटराभाठा विकास 11.76 करोड़
- क्रिस्टल स्कूल भवन 12 करोड़
- धरनास्थल का निर्माण 3.7 करोड़
- आईटीएमएस सिस्टम 143 करोड़
- एकात्म पथ पर लाइटिंग 7 करोड़
- साइकिल ट्रैक 45 करोड़
- कमांड कंट्रोल सेंटर 4 करोड़
काम जारी
सेक्टर 15 में पौधरोपण 7.32 करोड़
स्ट्रीट लाइटें लगीं 20 करोड़
पार्क अपग्रेडेशन 8.32 करोड़
सीबीडी रेलवे स्टेशन 42 करोड़
राखी-उपरवारा स्कूल 49 करोड़
आंगनबाड़ी का निर्माण 6.5 करोड़
मल्टीलेबल पार्किंग 41 करोड़
फायर फाइटिंग सिस्टम – 6 करोड़
बिलासपुर: फंड लगभग खर्च, फिर भी 38 काम जारी, 292 करोड़ चाहिए
बिलासपुर स्मार्ट सिटी को 750 करोड़ रुपए के फंड में 103 प्रोजेक्ट करवाने हैं। अब तक स्मार्ट सिटी 458 करोड़ मिल चुका है। इनमें से 65 काम पूरे हो चुके हैं। इसमें 448 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। बाकी के 38 प्रोजेक्ट अभी चल रहे हैं और सब मिलाकर इन्हें पूरा करने के लिए 292 करोड़ रुपए और खर्च का अनुमान लगाया गया है। बिलासपुर स्मार्ट सिटी ने पिछले तीन साल में 792.60 करोड़ टेंडर किया है। 23 जून 2017 को बिलासपुर को देश के 100 स्मार्ट शहरों में शामिल किया गया। शुरू के तीन साल में काम काफी धीमा रहा, लेकिन आखिरी यानी पिछले एक साल में बड़ी संख्या में टेंडर निकाले गए हैं। स्मार्ट सिटी प्रशासन ने पुराने कार्यों को तेजी से पूरा कराया और नए काम शुरू कराए।
काम पूरा
- मल्टीलेवल पार्किंग 16.88 करोड़
- आईटीएमएस, 173.41 करोड़
- मिट्टी तेल गली रोड 7.90 करोड़
- व्यापार विहार रोड 26.83 करोड़
- इन्कयूबेशन जीर्णोद्धार 1.03 करोड़
- रोड मिलियन विकास 1.43 करोड़
- सड़कों का सौंदर्यीकरण 3.12 करोड़
- सिविल तथा अन्य कार्य 2.81 करोड़
- मंगला चौक बीटी रोड 7.25 करोड़
- ई-पाठशाला स्थापना 5.09 करोड़
- डिजिटल लाइब्रेरी पर – 2.53 करोड़ रु
- जवाली नाले पर स्लैब — 3.12 करोड़
- इंटेलिजेंट वेस्ट मैनेजमेंट — 8 करोड़
- हाइब्रिड सोलर सिस्टम – 3.77 करोड़
- भारतीय नगर तालाब पर – 3.60 करोड़
- जतिया तालाब प्लान – 6.78 करोड़
- डिजिटल लाइब्रेरी फेस: 2 – 2.7 करोड़
- तारबाहर तक फुटपाथ- 3.97 करोड़
- कन्वेंशन सेंटर निर्माण- 19.78 करोड़
काम जारी
- पिंक स्टेडियम निर्माण 3.87 करोड़
- स्पोर्ट्स काम्पलेक्स कार्य 15.8 करोड़
- स्पोर्ट्स क्लब का काम 10.28 करोड़
- अरपा विकास परियोजना 130 करोड़
- मल्टीलेवल पार्किंग 25.7 करोड़
- ऑटाेमेटेड पार्किंग 12.60 करोड़
- कचहरी में मल्टीलेवल 4.15 करोड़
- साइकिल किराया सेंटर 68 लाख
- दिव्यांग हितैषी फुटपाथ 18 करोड़
पिछली सरकार में अस्थायी कार्यों में ही फूंक दिया फंड
पुरानी सरकार ने स्मार्ट सिटी के फंड का ज्यादातर हिस्सा अस्थायी कामों में खर्च किया था। बहुत से काम साल-दो साल में ही बर्बाद होने लगे या अनुपयोगी हो गए। हमारी सरकार ने स्थायी कामों पर फोकस किया गया, खासकर नागरिक सुविधाओं जैसे कार्यों पर।











