12 घंटे में 70 लाख की चोरी का खुलासा, घरेलू रसोइया निकला मास्टरमाइंड, बिहार भाग रहे दो आरोपियों को पुलिस ने नागपुर से किया गिरफ्तार, जेवर व नगद बरामद

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रायपुर : राजधानी रायपुर में 70 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी कामयाबी हासिल की है. इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी का मास्टरमाइंड कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार का घरेलू रसोइया ही निकला. उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर परिवार की. गैरमौजूदगी का फायदा उठाया और घर से लाखों रुपये की नकदी, सोने-चांदी के जेवर और अहम दस्तावेज चोरी कर फरार हो गया. हालांकि कमिश्नरेट पुलिस रायपुर की त्वरित कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के समन्वय से दोनों आरोपियों को नागपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने चोरी की पूरी मशरूका, जिसकी कीमत करीब 70 लाख रुपये है. बरामद कर ली है.
मिली जानकारी के मुताबिक प्रार्थी पंकज अग्रवाल अशोका आईकॉन, मोवा रायपुर में अपने परिवार के साथ रहते हैं. 26 जुलाई 2026 को वे अपने परिवार सहित निजी काम से नया रायपुर गए हुए थे. घर पर सिर्फ उनका घरेलू रसोइया महेंद्र कुमार यादव मौजूद था. जिसे 14 जुलाई 2026 से काम पर रखा गया था और वह पहले भी उनके यहां काम कर चुका था.
शाम करीब 7 बजे जब परिवार वापस लौटा तो घर का मुख्य दरवाजा बंद और लाइट बंद मिली. पीछे का दरवाजा खुला होने पर अंदर जाकर देखा तो बेडरूम और अलमारी के दरवाजे खुले हुए थे. जांच करने पर अलमारी में रखी बड़ी तादाद में नकदी, लॉकर में रखे सोने के जेवर, सोने की गिन्नियां, सिक्के, चांदी का सिक्का, पेन ड्राइव और कार्यालय से जुड़े अहम दस्तावेज गायब मिले.
पीड़ित की शिकायत पर थाना पंडरी में अपराध क्रमांक 212/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा पंडरी थाना पुलिस की संयुक्त विशेष टीम गठित की गई.
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. फुटेज में घरेलू रसोइया महेंद्र कुमार यादव एक बैग लेकर घर से निकलता दिखाई दिया. उसके साथ एक अन्य संदिग्ध व्यक्ति भी मौजूद था. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी और शहर के कई मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. जांच में पता चला कि दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से घटनास्थल से निकलकर घड़ी चौक पहुंचे जहां उन्होंने बाइक पार्क की. इसके बाद किराये के वाहन से रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और पुलिस से बचने के लिए समता एक्सप्रेस में सवार होकर नागपुर रवाना हो गए.
यह जानकारी मिलते ही रायपुर पुलिस ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) नागपुर से संपर्क किया और आरोपियों के फोटो, हुलिए और अन्य अहम जानकारियां साझा कीं. आरपीएफ नागपुर ने रायपुर पुलिस के साथ समन्वय करते हुए नागपुर रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में महेंद्र कुमार यादव ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने अपने साथी पिंटू यादव उर्फ अभिषेक यादव के साथ मिलकर पहले से पूरी प्लान बनाई थी. दोनों को इस बात की जानकारी थी कि घटना वाले दिन परिवार घर से बाहर रहेगा. इसी का फायदा उठाकर उन्होंने घर में रखी नकदी, सोने-चांदी के जेवर और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया.
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹51.50 लाख नकद, सोने के जेवर, सोने की गिन्नियां, सिक्के, चांदी का सिक्का, पेन ड्राइव, अहम दस्तावेज और जुर्म में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन बरामद किए. बरामद पुर मशरूका की कुल कीमत करीब ₹70 लाख बताई गई है. पुलिस ने सभी सामान जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेंद्र यादव उम्र 22 साल निवासी जिला बांका (बिहार), जो घटना के समय प्रार्थी के घर में घरेलू रसोइए के रूप में कार्यरत था. और पिंटू यादव उर्फ अभिषेक यादव उम्र 25 साल निवासी जिला बांका (बिहार), हाल निवासी आमासिवनी, रायपुर के रूप में हुई है.
रायपुर पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और अंतरराज्यीय समन्वय के जरिए महज छह घंटे में चोरी का पर्दाफाश कर पूरी संपत्ति बरामद कर ली. पुलिस ने लोगों से अपील किया कि घरेलू नौकर, रसोइया या अन्य कर्मचारियों को काम पर रखने से पहले उनका पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं और घर में बड़ी तादाद में नकदी या कीमती सामान रखने से बचें. साथ ही सीसीटीवी कैमरों को हमेशा चालू रखें. ताकि किसी भी आपराधिक घटना की स्थिति में जांच में मदद मिल सके.

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