4 घंटे चली केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक, पीएम मोदी और तमाम शीर्ष नेता मीटिंग से निकले

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नेशनल डेस्कः केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल की अटकलों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक राजधानी स्थित प्रगति मैदान में नवनिर्मित सम्मेलन कक्ष में हुई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में 2024 के आगामी लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा की गई। इस साल केंद्रीय मंत्रिपरिषद की यह दूसरी बैठक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी ही एक बैठक जनवरी में आम बजट पेश होने से पहले की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2021 में आखिरी बार अपनी मंत्रिपरिषद में फेरबदल और विस्तार किया था। इसके बाद उन्होंने कुछ एक मौकों पर कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया था। वर्ष 2021 के मंत्रिपरिषद फेरबदल और विस्तार में मोदी ने 36 नए चेहरों को जगह दी थी, जबकि 12 तत्कालीन मंत्रियों की पद से छुट्टी कर दी थी।

जिन मंत्रियों की छुट्टी की गई थी उनमें डी वी सदानंद गौड़ा, रविशंकर प्रसाद, रमेश पोखरियाल निशंक, प्रकाश जावड़ेकर, संतोष गंगवार, बाबुल सुप्रियो, हर्षवर्धन प्रमुख थे। इस मंत्रिपरिषद विस्तार में मोदी ने अश्विनी वैष्णव, ज्योतिरादित्य सिंधिया और भूपेंद्र यादव जैसे नेताओं को शामिल किया था जबकि अनुराग ठाकुर, किरेन रीजीजू और मनसुख मांडविया को पदोन्नत किया था।

सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनावों के मद्देनजर इस बार के मंत्रिपरिषद विस्तार में सरकार और संगठन के बीच तालमेल बिठाने के प्रयास के तहत कुछ केबिनेट मंत्रियों को संगठन में जगह दी सकती है और संगठन के कुछ प्रमुख चेहरों को सरकार में शामिल किया जा सकता है।

इस सिलसिले में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कई दौर की बैठक की है। इन बैठकों में मुख्य रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा और भाजपा के संगठन महामंत्री बी एल संतोष शामिल रहे हैं। इन तीनों नेताओं ने गत 28 जून को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। इन बैठकों व मुलाकातों के बाद मंत्रिपरिषद में फेरबदल की अटकलों को बल मिला है।

भाजपा सूत्रों ने संकेत दिया है कि जब भी मोदी अपने मंत्रिपरिषद में फेरबदल का फैसला करेंगे तो सहयोगी दलों को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। आगामी 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र से पहले की अवधि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल या बदलाव का आखिरी मौका हो सकता है। इसलिए मंत्रिपरिषद में फेरबदल या विस्तार की संभावनाओं को और बल मिला है।

सूत्रों ने कहा कि कुछ राज्यों सहित भाजपा के केंद्रीय संगठन में भी कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं क्योंकि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार तेज करने में जुटा है। सूत्रों का कहना है कि मंत्रिपरिषद में किसी भी तरह का फेरबदल आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर भी किया जाएगा।

भाजपा इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियों में जुटी है। हाल ही में कर्नाटक में कांग्रेस ने भाजपा को पटखनी देकर सरकार बनाई थी। इस साल के अंत में राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव होने हैं। राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस से है।

 

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