छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ अपनी मांगों को लेकर लगातार अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इसी बीज रविवार को संविदाकर्मियों ने नवा रायपुर में ‘वादों की बारात’ निकाली। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि, अगर मांगे पूरी नहीं होती तो सरकार खामियाजा भुगतने को तैयार रहे।
हजारों संविदाकर्मी तूता धरनास्थल पर एकजुट हुए। सभी ने बिल्कुल बाराती की तरह तैयार हुए थे। पुरुष गुलाबी पगड़ी तो महिला कर्मियों ने पीले रंग की साड़ी पहनी थी। इसमें रायपुर के अलावा बाकी जिलों से भी संविदाकर्मी पहुंचे थे। सभी ने बैंड-बाजे पर डांस भी किया।
‘सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा’
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कौशलेष तिवारी ने बारात निकालते हुए कहा कि, प्रदेश के 45 हजार संविदा कर्मचारी अपनी मांगों के पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं। खास तौर पर वे नियमितीकरण के इंतजार में हैं। इसे लेकर लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि, 2018 के घोषणापत्र में किया वादा पूरा किया जाए। इस बार अगर सरकार अपना वादा पूरा नहीं करती तो 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
27 प्रतिशत वेतन वृद्धि का नहीं मिल रहा लाभ
कौशलेष तिवारी ने कहा मुख्यमंत्री ने संविदा कर्मचारियों के 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि की घोषणा की थी । लेकिन मुश्किल से 5000 कर्मचारियों को ही उसका लाभ मिल पा रहा है। बाकी सभी संविदा कर्मचारियों इसका लाभ नहीं मिल पाया है। संविदाकर्मियों की छटनी भी नहीं रुक रही है। जिसके कारण प्रदेश के संविदा कर्मचारी वर्ग आक्रोशित है ।
नियमितीकरण पूरा करने दिया ज्ञापन
नया रायपुर धरना स्थल से संविदा कर्मचारियों ने वादों की बारात निकलकार मंत्रालय की ओर कूच किया। हालांकि इस दौरान पुलिस वाले ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। इस दौरान संविदा कर्मियों ने सरकार को नियमितीकरण का वादा पूरा करने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा ।







