आज के जमाने में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तमाम लोगों को प्रभावित कर रही है. हमारे शरीर में दो तरह का कोलेस्ट्रॉल होता है. एक गुड कोलेस्ट्रॉल, जिसे हाई डेंसिटी लिपॉप्रोटीन (HDL) कहा जाता है. दूसरा बैड कोलेस्ट्रॉल, जिसे लो डेंसिटी लिपॉप्रोटीन (LDL) कहा जाता है. शरीर में जब एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाए तो यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बेहद गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है. खाने-पीने का कोलेस्ट्रॉल से सीधा संबंध होता है. अगर आप कुछ ऐसी चीजें खाएंगे, जिसमें ट्रांस फैट की मात्रा ज्यादा होगी तो एलडीएल लेवल बढ़ जाएगा. तमाम लोग यह सवाल पूछते हैं कि क्या नॉन वेज खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ जाता है. इस बारे में हकीकत जान लेते हैं.
हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में साल 2019 में स्टडी प्रकाशित हुई थी. इसमें पता चला था कि रेड और वाइट मीट दोनों का बैड कोलेस्ट्रॉल पर सीधा असर होता है. आसान भाषा में कहें तो चिकन और रेड मीट दोनों ही कोलेस्ट्रॉल के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं. स्टडी की माने तो किसी भी तरह की मीट को कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए फायदेमंद नहीं माना गया है. नॉनवेज का बैड कोलेस्ट्रॉल पर सीधा असर होता है और एलडीएल तेजी से बढ़ सकता है. जो लोग कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें नॉन वेज अवॉइड करना चाहिए.
इन फूड्स में ज्यादा होता है सैचुरेटेड फैट
स्टडी में यह बात भी सामने आई कि मीट में प्रोटीन और सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है, जो कोलेस्ट्रॉल और हार्ट हेल्थ को बुरी तरह प्रभावित करता है. इस रिसर्च के शोधकर्ताओं का कहना है कि मीट की अपेक्षा नॉन मीट वाले फूड्स का सेवन फायदेमंद माना जा सकता है. जो लोग हार्ट के पेशेंट हैं या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें अपनी डाइट में नॉनवेज शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. ऐसा करके आप गंभीर परेशानी से बच सकते हैं.
केक और पेस्ट्री खाना भी खतरनाक
आपको जानकर हैरानी होगी कि कुकीज, केक और पेस्ट्री खाने से भी आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल बिगड़ सकता है. कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखने के लिए आपको अपनी डाइट में ओटमील और नट्स को शामिल करना चाहिए. इसके अलावा हर दिन कम से कम 30 मिनट तक फिजिकल एक्टिविटी जरूर करनी चाहिए. जंक फूड और शुगरी ड्रिंक्स का सेवन करना भी कोलेस्ट्रॉल के लिए खतरनाक माना जाता है. ऐसे में खाने पीने को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को डाइटिशियन से मिलकर अपना डाइट चार्ट जरूर बनवा लेना चाहिए.









