कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विरोधी गठबंधन नहीं होने की स्थिति में अपनी योजना तैयार कर ली है। यह खुलासा पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने बुधवार को महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के भविष्य को लेकर लगाए जा रहे कयासों के बीच किया। पटोले ने यह जानकारी एक सवाल के जवाब में दी। उनसे पूछा गया था कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में क्या एमवीए के तीनों घटक…. शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस एक साथ बने रहेंगे?
कांग्रेस के पास योजना तैयार है
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने एक बातचीत में कहा, ‘‘हम उन सभी को एक साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं जो भाजपा के खिलाफ हैं, फिर चाहे वह राकांपा हो या शिवसेना(यूबीटी)। गठबंधन नहीं होने की स्थिति में पार्टी की रणनीति के बारे में पूछा गया तो पटोले ने कहा, ‘‘हमारे (कांग्रेस के) पास योजना तैयार है।” एमवीए की एकता को लेकर उस समय कयास लगने शुरू हो गए थे जब राकांपा प्रमुख शरद पवार ने वर्ष 2024 के चुनाव से पहले तीनों दलों की एकता पर आशंका जताई थी।
जब पटोले से पूछा गया कि एमवीए के किस घटक को महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री बनाने का मौका मिलेगा तो उन्होंने कहा कि इस तरह की चर्चा करना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल इस पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है क्योंकि अभी चुनाव नहीं हो रहे हैं लेकिन कांग्रेस रोज लोगों के मुद्दों को लेकर लड़ रही है।”
जिस दल के ज्यादा विधायक होंगे, सीएम उसी का होगा
राकांपा नेता अजित पवार के मुख्यमंत्री पद के लिए स्वीकार्य होने के सवाल पर पटोले ने कहा, ‘‘यह बहुत आसान है, जिस दल के सबसे अधिक विधायक होंगे, मुख्यमंत्री उसी का होगा।” गौरतलब है कि रविवार को जब शरद पवार से पूछा गया था कि क्या एमवीए अगला लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ेगा तो उन्होंने कहा था, ‘‘एक साथ काम करने की इच्छा है लेकिन हमेशा इच्छा ही पर्याप्त नहीं होती।”









