उत्तर प्रदेश जैसे जैसे गुंडे, माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चल रही है, वैसे-वैसे अपराधियों के मन में कानून का खौफ बढ़ता जा रहा है। मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, बृजेश सिंह और मुन्ना बजरंगी जैसे नाम खासे चर्चित रहे हैं, इन सबके बीच खान मुबारक भी ऐसा गैंगस्टर रहा जिसने इलाहाबाद और उसके आसपास के इलाकों में खूब दहशत फैलाई। बढ़ती दहशत खान मुबारक को अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन तक ले गई। जिला कारागार में बंद खान की हालत बिगड़ गई। जिसके चलते वो कई दिनों बीमार चल रहा था। सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
खान मुबारक के आपराधिक इतिहास के पीछे उसका बड़ा भाई भी बहुत मायने रखता है। खान मुबारक का बड़ा भाई जफर सुपारी अंडरवर्ल्ड का नामी बदमाश रहा। खान मुबारक की पैदाइश अंबेडकर नगर जिले के हसवर थाना क्षेत्र के गांव हरसम्हार की है। खान मुबारक के भाई जफ़र सुपारी ने 15 साल की उम्र में ही हत्या कर अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था।
खान मुबारक का शुरुआती जीवन सामान्य रहा, स्कूलिंग ख़त्म कर वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने पहुंचा। साल 2007 में कैश वैन लूटकांड में खान मुबारक पांच साल नैनी जेल में बंद रहा। जब 2012 में बाहर आया तो फिर से अंबेडकर नगर में रंगदारी और जबरन वसूली का काम शुरू किया। वहीं शूटर ओसामा की हत्या में नाम सामने आया। इसके बाद खान मुबारक ने जिले के भट्ठा कारोबारी एनुद्दीन की मौत हो गई। इस मामले सहित कई अन्य केस में भी खान मुबारक जेल गया लेकिन सबूत और गवाह न मिलने पर 2016 में बाहर आ गया। खान मुबारक ने क्रिकेट मैच के दौरान अंपायर को गोली मारने से चर्चा में आया था।
साल 2017 में बसपा नेता जुरगाम मेहंदी पर जानलेवा हमला कराया, इसमें मेहंदी को आधा दर्जन गोली लगी पर किस्मत से वह बच गए। इसके बाद उसे लखनऊ से यूपी एसटीएफ ने खान मुबारक को अरेस्ट कर लिया गया। फिर एक साल बाद 2018 में जुरगाम मेहंदी पर फिर हमला हो गया और मेहंदी की मौत हो गई। कथित तौर पर खान मुबारक को इस हत्या का जिम्मेदार माना गया। खान मुबारक पर करीब दो दर्जन मामले दर्ज हैं और पहले वह फैजाबाद जेल में रहा लेकिन अभी वह हरदोई जेल में बंद है। यूपी सरकार बीते कई सालों से खान मुबारक की करोड़ों की संपत्ति कुर्क कर चुकी है और समय-समय पर उसके वीडियो वायरल होते रहे हैं।









