तात्यापारा रोड का चौड़ीकरण आचार संहिता से पहले शुरू होगा, शासन से 10 करोड़ मंजूर

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जीई रोड पर शारदा चौक के बॉटल नेक से पूरा शहर परेशान है। रोज लाखों वाहन शारदा चौक से होकर तात्यापारा की ओर आते-जाते समय जाम में फंसते हैं। करीब आधा किलोमीटर के इस पैच का चौड़ीकरण पिछले 15 साल से अटका है। दो बार सर्वे और मुआवजा तय होने के बाद बजट को लेकर पेंच फंस गया। अब शासन ने 10 करोड़ बजट दिए हैं।

सरकार से पैसे मिलते ही तात्यापारा प्रोेजेक्ट की फाइल फिर खुल गई और विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के पहले काम चालू करने की तैयारी की जा रही है। चौड़ीकरण के पहले तात्यापारा चौक से शारदा चौक के बीच नए सिरे से मुआवजे के लिए सर्वे करवाया जाएगा। हालांकि निगम चौड़ीकरण के लिए सबसे पहले 2009 में सर्वे करवा चुका है। अब नए सर्वे के बाद तय होगा कि गाइडलाइन रेट के बाद कितना मुआवजा आ रहा है।

80 फीट होगी सड़क की चौड़ाई, ढाई महीने में सर्वे और बजट तैयार करेगा निगम

अभी सड़क कहीं 30 तो कहीं 45 फीट चौड़ी, इसके कारण लग रहा जाम
अभी शारदा चौक से तात्यापारा चौक के बीच सड़क कहीं 30 से 45 फीट तक चौड़ी है। इसे सभी जगह 80 फीट चाैड़ी करनी है। इसके लिए निगम को सड़क के दोनों ओर 20 से 25 फीट तक जमीन लेनी होगी। सर्वे में यह भी तय हो चुका है कि कहां, किससे, कितनी जमीन लेनी है। शारदा चौक से तात्यापारा के बीच चौड़ाई बढ़ाने के लिए 75 मकान व दुकानें प्रभावित होंगी।

शहर और राज्य में कांग्रेस की सरकार इसलिए अब नहीं होगी दिक्कत
शहर की दो विधानसभा सीटों और करीब आधा दर्जन वार्डों को प्रभावित करने वाली यह सड़क चुनाव में बड़ा मुद्दा हो सकती। माना जा रहा है कि इसी वजह से निगम प्रशासन विधानसभा चुनाव के पहले ही चौड़ीकरण का काम चालू करने की तैयारी में है। सड़क को लेकर पिछले 15 सालों से राजनीति चल रही है। इस दौरान निगम और राज्य में कांग्रेस-भाजपा की सरकार रही।

पूर्व महापौर सुनील सोनी के कार्यकाल में आमापारा से तात्यापारा तक सड़क चौड़ीकरण किया गया था। उसी के बाद नगर निगम में लगातार कांग्रेस की सरकार रही और राज्य में भाजपा गवर्नमेंट काबिज रही। नगर निगम की ओर से करीब आधा दर्जन बार सड़क चौड़ीकरण के प्रस्ताव भेजे गए। मुआवजे को लेकर निगम और पूर्व भाजपा शासन के बीच कभी एक राय नहीं बन पाई।

अभी नगर निगम और राज्य में कांग्रेस की सरकार है। मुख्यमंत्री का भी सड़क को लेकर सकारात्मक रुख है। इस साल बजट में सरकारी की ओर से 10 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। हालांकि चौड़ीकरण को लेकर यह रकम काफी नहीं बताई जा रही है। इसे लेकर भी राजनीति हो रही है। भाजपा और दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में भी इस बात को उठाया था।

ऐसी है सड़क की चौड़ीकरण योजना
शारदा चौक से आमापारा तिराहे तक चौड़ीकरण के लिए 2006 में 55 करोड़ रुपए का बजट बनाया गया था। कानूनी तथा अन्य प्रक्रिया के कारण कुछ महीने लंबित रहने के बाद आमापारा तिराहे से तात्यापारा चौक तक चौड़ीकरण शुरू हुआ तथा प्रभावित लोगों को 25 करोड़ रुपए मुआवजा बांटा गया। फिर काम रुक गया। बचे हुए 700 मीटर हिस्से की चौड़ाई बढ़ाने के लिए लगभग 46 करोड़ खर्च अनुमानित किया गया था।

ऐसी है सड़क की चौड़ीकरण योजना
शारदा चौक से आमापारा तिराहे तक चौड़ीकरण के लिए 2006 में 55 करोड़ रुपए का बजट बनाया गया था। कानूनी तथा अन्य प्रक्रिया के कारण कुछ महीने लंबित रहने के बाद आमापारा तिराहे से तात्यापारा चौक तक चौड़ीकरण शुरू हुआ तथा प्रभावित लोगों को 25 करोड़ रुपए मुआवजा बांटा गया। फिर काम रुक गया। बचे हुए 700 मीटर हिस्से की चौड़ाई बढ़ाने के लिए लगभग 46 करोड़ खर्च अनुमानित किया गया था।

ऐसी है सड़क की चौड़ीकरण योजना
शारदा चौक से आमापारा तिराहे तक चौड़ीकरण के लिए 2006 में 55 करोड़ रुपए का बजट बनाया गया था। कानूनी तथा अन्य प्रक्रिया के कारण कुछ महीने लंबित रहने के बाद आमापारा तिराहे से तात्यापारा चौक तक चौड़ीकरण शुरू हुआ तथा प्रभावित लोगों को 25 करोड़ रुपए मुआवजा बांटा गया। फिर काम रुक गया। बचे हुए 700 मीटर हिस्से की चौड़ाई बढ़ाने के लिए लगभग 46 करोड़ खर्च अनुमानित किया गया था।

महापौर ने कहा- नहरपारा के बाद अब तात्यापारा
महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि 18 जनवरी 2018 में पूर्व लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, रायपुर कलेक्टर, निगम कमिश्नर की बैठक के बाद सड़क चौड़ीकरण के लिए 28.50 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। पूर्व मंत्री मूणत ने विभाग से इसके लिए अलग से 13 करोड़ का भी प्रावधान किया था। भाजपा आज यह नहीं बता पा रही है कि यह रकम कहां गई।चौड़ीकरण की नियत होती तो वे कर देते, क्योंकि उनकी ही सरकार थी। हमने डेढ़ दशक से लंबित नहरपारा रोड चौड़ीकरण कांग्रेस सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में ही कर दिया। अब तात्यापारा रोड की बारी है।

 

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