20 हजार अवैध निर्माण का ब्योरा निगम के पास उपलब्ध

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शहर में अवैध निर्माण को वैध करने नियमितिकरण की अर्जी अब नहीं ली जाएगी। आवेदन स्वीकार करने की मियाद खत्म हो गई है। अवैध निर्माण करने वालों को अब है उन्हें कोई मोहलत नहीं दी जाएगी। निगम के पास अवैध निर्माण करने वालों की सूची उपलब्ध है। ऐसे सभी लोगों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ऐसे निर्माण को अब तोड़ा जाएगा।

निगम के रिकार्ड में करीब 20 हजार अवैध निर्माण हैं। ऐसे अवैध निर्माण को ही वैध करने निगम ने नियमितीकरण की स्कीम लांच की थी। इसके लिए 12 अगस्त तक आवेदन स्वीकार किए गए। निगम के पास आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख तक 16 हजार से ज्यादा अर्जियां जमा की गईं हैं। इनमें से अभी तक 7785 अवैध निर्माणों को वैध किया जा चुका है। 8000 से ज्यादा आवेदनों पर फैसला बाकी है। कलेक्टर की अध्यक्षता में बनी समिति इन आवेदनों पर फैसला करेगी। इसके लिए हर महीने की 15 तारीख को बैठक बुलाई गई है।

120 वर्गमीटर से कम निर्माण फ्री में वैध

शहर में 3745 अवैध निर्माणों को बिना शुल्क लिए ही वैध किया गया है, क्योंकि वे 120 वर्गमीटर से कम थे। इसके अलावा 120 वर्गमीटर से ज्यादा 2164 अनाधिकृत और 1876 कमर्शियल निर्माणों को भी वैध किया गया है। नियमितिकरण के लिए आवेदन करने की तारीख खत्म होने के साथ ही निगम के सभी 10 जोन में ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है जिन्होंने अवैध निर्माण को वैध करने के लिए आवेदन नहीं किया है। इन सभी को सिलसिलेवार नोटिस की जा रही है।

नियमितिकरण कराने में जोन 10 सबसे आगे

राजधानी में जोन 10 में सबसे ज्यादा अवैध निर्माण को वैध किया गया है। इस जोन में ज्यादातर एरिया आउटर का है। इन जगहों पर लोगों ने बिना सरकारी अनुमति के प्लॉटिंग के साथ ही कई तरह के निर्माण कर लिए थे। इस वजह से यह आवेदन भी सबसे ज्यादा जमा हुए। निगम से मिली जानकारी के अनुसार जोन 1 में 918, जोन 2 में 391, जोन 3 में 554, जोन 4 में 261, जोन 5 में 718, जोन 6 में 925, जोन 7 में 511, जोन 8 में 857, जोन 9 में 947 तथा जोन 10 में 1065 अवैध निर्माणों को नियमित किया गया है। बीरगांव निगम क्षेत्र में 421, नवा रायपुर में 14, कुर्रा, खरोरा, आरंग, तिल्दा आदि निवेश क्षेत्रों में 23 और रायपुर के बाहरी इलाकों में 143 अवैध निर्माणों को वैध किया गया है।

अब राजीनामा का ही विकल्प लेकिन 10% हिस्सा ही होगा वैध

नियमितिकरण कराने की समय सीमा खत्म होने के बाद अब अवैध निर्माण करने वालों के पास केवल राजीनामा का ही विकल्प बाकी रह गया है। इस समझौते के तहत अवैध​ निर्माण के 10 फीसदी तक के हिस्से को वैध किया जा सकता है। नियमितिकरण में लोगों को 100 प्रतिशत तक अवैध निर्माणों को वैध कराने की सुविधा दी गई थी। इतना ही नहीं नियमितीकरण में लैंड यूज भी चेंज किया जा रहा था। जिन जगहों पर पार्किंग नहीं थी वहां शुल्क लेकर वैध किया जा रहा था। राजीनामा करने में इस तरह की कोई सुविधा नहीं मिलेगी।

अवैध निर्माण को नियमित कराने अब आवेदन करने की तारीख खत्म हो गई है। जो आवेदन जमा हो गए हैं उनकी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अवैध निर्माण करने वालों पर बड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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