भ्रष्टाचार की जांच में भी भ्रष्टाचार

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प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखा गया पत्र

ग्राम पंचायत धोतिमटोला
(दारुटोला) में सी.सी. रोड निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच में अनियमितताओं के संबंध में
जनपद पंचायत डौंडी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धोतिमटोला (दारुटोला) में सी.सी. रोड निर्माण कार्य में हुई गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच के संबंध में शिकायत पर, जांच प्रक्रिया को जानबूझकर अनदेखी की गई है।
वही जांच अधिकारियों के द्वारा गलत व पक्षपात कर जांच कर भ्रमित जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (शिकायत शाखा) जिला पंचायत बालोद को उक्त जांच को निराधार बताते हुए जांच निरस्त करने पत्र प्रेषित किया गया है तो वही पर जांच की पडताल न कर बिना शिकायतकर्ता को शामिल किये मुख्य कार्यपालन अधिकारी (शिकायत शाखा) जिला पंचायत बालोद के द्वारा अपने पत्र क्र./2661/ जि.पं./शिकायत 2025-26 बालोद दिनांक 17 सितंबर 2025 को कलेक्टर (शिकायत शाखा) जिला बालोद को पत्र प्रेषित कर जांच कमेटी के द्वारा की गई जांच को सही एवं संतोषप्रद मानते हुए जांच को निरस्त करने पत्र लिखा गया है जो की संदेह को जन्म देता है

जबकि माननीय आयुक्त कार्यालय के पत्र क्रमांक 1920/आयुक्त/शिकायत/2025/दुर्ग, दिनांक 27/06/2025 के माध्यम से कलेक्टर महोदय, बालोद को इस मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद, कलेक्टर कार्यालय (शिकायत शाखा) बालोद ने भी संबंधित अधिकारियों को समय पर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए।
जांच प्रक्रिया में विलंब और पक्षपात का संदेह
यह अत्यंत खेद का विषय है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बालोद द्वारा जांच में लगातार विलंब किया गया। कलेक्टर कार्यालय से दो बार स्मरण पत्र (रिमाइंडर) जारी होने के बाद भी, 52 दिनों के विलंब से संबंधित अधिकारियों को जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
तो वही प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में केवल खानापूर्ति के लिए एक जांच कमेटी का गठन किया गया है, जिसके सदस्य
अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, उप संभाग, गुण्डरदेही
अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, उप संभाग, बालोद
उप अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, उप संभाग, बालोद
उप अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, उप संभाग, गुरुर
अनुविभागीय अधिकारी, जयप्रकाश चंद्राकर, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, उपसंभाग, डौंडी
संतोष पासी, उप अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, जनपद पंचायत, डौंडी
उक्त जांच में जांच कमेटी द्वारा मुझे, शिकायतकर्ता को जानबूझकर जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। जबकि शिकायतकर्ता के मूल शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि बिंदुवार और निष्पक्ष जांच के लिए मेरी उपस्थिति आवश्यक है। यह कार्रवाई स्पष्ट रूप से दोषियों को बचाने और उच्च विभाग को एक भ्रामक और गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने की कोशिश का संकेत देती है। यह कृत्य सिविल सेवा आचरण और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के विरुद्ध है।
जबकि शिकायतकर्ता के पास भ्रष्टाचार ठोस प्रमाण मौजूद हैं, जिनकी अनदेखी की जा रही है:
स्वीकृत लंबाई और वास्तविक निर्माण में अंतर स्वीकृत प्राक्कलन और साइन बोर्ड पर 300 मीटर की लंबाई अंकित है, जबकि एम.बी. बुक में इसे 330 मीटर दर्ज किया गया है। मौके पर वास्तविक निर्माण केवल 220 मीटर का ही हुआ है।

गुणवत्ताहीन कार्य:

निर्माण कार्य की गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की है। ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर, शेष कार्य को पूरा करने के बजाय, अलग-अलग स्थानों पर 10-10 मीटर की छोटी सड़कें बनाकर केवल दिखावा किया गया है।

उक शिकायत जांच के लिए माननीय प्रधानमंत्री महोदय, माननीय महामहिम राज्यपाल महोदय छ.ग.,माननीय मुख्यमंत्री महोदय छ.ग., एवं आर्थिक अपराध अनवेषण ब्यूरो के संज्ञान मे लाकर इस गंभीर मामले को पुनः संज्ञान में लेकर कार्यालय के उच्चाधिकारियों की एक नई निष्पक्ष जांच कमेटी का गठन किया जाए। यह कमेटी न केवल निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार की जांच करे, बल्कि इस मामले की लीपापोती करने की कोशिश करने वाले दोषी अधिकारियों, फर्जी मूल्यांकनकर्ताओं और पिछली जांच कमेटी के सदस्यों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई हो।

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