कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी दलों की बैठक में कहा कि अच्छी शुरूआत हो तो आधा काम पूरा हो जाता है, इसी के साथ उन्होंने ट्वीट में कहा कि समान विचारधारा वाले विपक्षी दल सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और राष्ट्रीय कल्याण के एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे। हम भारत के लोगों को नफरत, विभाजन, आर्थिक असमानता और लूट की निरंकुश और जनविरोधी राजनीति से मुक्त करना चाहते हैं। हम ऐसा भारत चाहते हैं जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के संवैधानिक सिद्धांतों द्वारा शासित हो। हम ऐसा भारत चाहते हैं जो सबसे कमजोर व्यक्ति को आशा और विश्वास दे सके।
खरगे ने आज यानि सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर प्रहार करते हुए कहा कि संसद में सभी विपक्षी दलों पर अकेले भारी पड़ने की बात करने के बाद अब प्रधानमंत्री को 30 छोटे-छोटे दलों को गिनने की जरूरत क्यों पड़ गई। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी पार्टियों के एकजुट होने से भारतीय जनता पार्टी घबरा गई है। खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मोदी जी ने संसद में कहा था कि “एक अकेला” ही सभी विपक्षी पार्टियों पर काफ़ी है, फ़िर उन्हें 29-30 पार्टियों की ज़रूरत क्यों पड़ी?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी दलों की बैठक से पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर प्रहार करते हुए कहा कि संसद में सभी विपक्षी दलों पर अकेले भारी पड़ने की बात करने के बाद अब प्रधानमंत्री को 30 छोटे-छोटे दलों को गिनने की जरूरत क्यों पड़ गई। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी पार्टियों के एकजुट होने से भारतीय जनता पार्टी घबरा गई है। खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मोदी जी ने संसद में कहा था कि “एक अकेला” ही सभी विपक्षी पार्टियों पर काफ़ी है, फ़िर उन्हें 29-30 पार्टियों की ज़रूरत क्यों पड़ी?
वह इन छोटे-छोटे दलों को क्यों गिन रहे हैं।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “हमारा जो गठबंधन है, वह तो संसद में एक साथ मिलकर काम करता है। उनका एक ही उद्देश्य है, लोकतंत्र को ख़त्म करने के लिए विपक्ष को सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर धमकाना।” उन्होंने कहा, “पर हम निडर हैं, उनकी साज़िशों का डटकर सामना करेंगे और जनता की आवाज़ उठाएँगे।” खरगे ने कटाक्ष करते हुए कि भाजपा जिन 30 पार्टियों की बात कर रही है, वो कहां मिलीं, इस बारे में कुछ पता नहीं है।
कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सहित 26 विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के सोमवार से बेंगलुरु में दो दिवसीय मंथन सत्र में भाग लेने की उम्मीद है। विपक्षी दल 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का मुकाबला करने के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर काम शुरू कर सकते हैं और संयुक्त रूप से अभियान शुरु करने की घोषणा कर सकते हैं।







