सोशल मीडिया पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर के एक स्कूल का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें टीचर छात्रों से एक मुस्लिम छात्र को थप्पड़ लगवाती नजर आई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के साथ ही इस पर सियासत शुरू हो गई। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई राजनीतिक पार्टियों ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा है। वहीं, अब इस मामले में स्कूल की अध्यापिका की सफाई सामने आई है। नेहा पब्लिक स्कूल की टीचर तृप्ता त्यागी का कहना है कि यह वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। मैं विकलांग हूं। मुझसे उठा नहीं जाता है।
तृप्ता त्यागी ने कहा कि न तो मेरा ऐसा मकसद था। क्योंकि हमारे यहां तो हिंदू मुस्लिम भाई-भाई के रिश्ते से रहते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे यहां तो अधिकतर मुस्लिम छात्र ही हैं। हिंदू बच्चे कम हैं। वीडियो वाले वाक्या को याद करते हुए टीचर ने बताया कि उस दिन ऐसा हुआ था कि बच्चा याद नहीं करके आया। उसके परिजनों का दबाव था कि इसे थोड़ा था सबक सिखा दो। मैं विकलांग हूं, मेरे से उठा नहीं जाता। उसने कहा कि छात्र को पिछले 2 महीनों से एक की काम दिया जा रहा था तो वह काम करके नहीं ला रहा था। मैंने उसे दो चार बच्चों से थप्पड़ लगवा दिए।
बच्चों का भविष्य खराब होता है- टीचर
टीचर ने आगे बताया कि छात्र का चाचा स्कूल में बैठा हुआ था। तो मैंने एक लाइन कही थी मुस्लिम महिलाएं अपने बच्चों को मामा के यहां ना ले जाएं। एक्जाम आने वाले हैं। बच्चों की पढ़ाई खराब होती है। बच्चों का भविष्य खराब होता है। वीडियो में छेड़छाड़ करके मुस्लिम शब्द रखा और बाकी सब हटा दिया। अध्यापिका ने कहा कि मेरी ऐसी कोई भावना नहीं थी। मैं तो सब छात्रों के साथ अपने बच्चों की तरह ही व्यवहार करती हूं। टीचर ने सफाई देते हुए कहा कि अध्यापक के लिए तो सब एक समान होते हैं। हम तो यह चाहते हैं कि बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त कर स्कूल से निकले। इसमें हिंदू-मुस्लिम की कोई बात नहीं थी।
जब टीचर से पूछा गया कि इसमें यह सामने आया कि आपने ऐसा जानबूझकर किया तो तृप्ता त्यागी ने कहा कि ऐसा तो हो ही नहीं सकता, न मैंने ऐसा किया। ना कभी मैंने ऐसा सोचा। ये भी अपने ही बच्चे हैं। अध्यापिका ने कहा कि पांच साल से स्कूल चला रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह एक साजिश है, मुझे पता ही नहीं चला कि क्या किया है इन्होंने। मुझे तो कुछ पता नहीं था। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। हालांकि, टीचर बाद में कहा कि मुझसे गलती हुई है, मैं हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं।
छात्र के चचेरे भाई का भी बयान आया सामने
वायरल वीडियो पर छात्र के चचेरे भाई नदीम ने कहा कि मैं स्कूल गया था कि अल्तमश वो वहां पढ़ने जाता है। मैडम बच्चों से उसको पिटवा रही है। नदीम ने बताया कि मैडम कह रहीं थीं कि मुस्लिम महिलाएं मायके चली जातीं हैं और बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं देतीं। उसने कहा कि मेरी वीडियो को किसी ने बढ़ा चढ़ाकर आगे कर दिया है।
वीडियो पर राजनीति तेज
बता दें कि स्कूल की वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां भाजपा पर हमलावर हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक विद्यालय में एक बच्चे की कथित पिटाई की घटना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नफरत वाली राजनीति का नतीजा है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं देश की छवि को खराब करती हैं। खरगे ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की, ताकि कोई भी इसे दोहराने का दुस्साहस नहीं करे।
टीचर के खिलाफ केस दर्ज
वहीं, टीचर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। इस बीच, शिक्षा विभाग द्वारा इस संदर्भ में स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया है कि क्यों न विद्यालय की मान्यता निरस्त कर दी जाए? मुजफ्फरनगर पुलिस की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि खुब्बापुर गांव स्थित स्कूल की अध्यापिका द्वारा एक छात्र के स्कूल का कार्य न करने पर उसे कक्षा के अन्य छात्रों से पिटवाने और उसके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने की घटना के संबंध में पीड़ित छात्र के परिजनों की तहरीर पर मंसूरपुर पुलिस द्वारा मामला दर्ज किया गया।










