जी20 शिखर सम्मेलन से पहले पीटीआई-भाषा के साथ एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कही गई बातों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्ष के बीच रविवार को तीखी नोकझोंक हुई। सत्तारूढ़ दल भाजपा के नेताओं ने देश के लिए मोदी के दृष्टिकोण की सराहना की जबकि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के दलों ने ‘‘बढ़ती” महंगाई और बेरोजगारी पर सवाल उठाए। साक्षात्कार में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ‘सबका साथ- सबका विकास’ मॉडल विश्व के कल्याण के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत हो सकता है। उन्होंने साथ ही कहा कि दुनिया का जीडीपी-केंद्रित दृष्टिकोण, अब मानव-केंद्रित दृष्टिकोण में बदल रहा है।
मोदी ने अपने लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर पिछले सप्ताह आयोजित एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘जीडीपी का आकार चाहे जो भी हो, हर आवाज मायने रखती है।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘देश में एक स्थिर सरकार है, अनुकूल नीतियां हैं और सरकार की कुल दिशा को लेकर स्पष्टता है। इस स्थिरता की ही वजह से पिछले नौ साल में कई सुधार लागू किए जा सके हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि 2047 तक हमारा देश विकसित देशों में शुमार होगा। हमारे गरीब पूर्ण रूप से गरीबी के खिलाफ लड़ाई जीतेंगे। स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र के बदलाव दुनियाभर में सबसे अच्छे होंगे।
भ्रष्टाचार, जातिवाद और सांप्रदायिकता का हमारे राष्ट्रीय जीवन में कोई स्थान नहीं होगा।” मोदी की टिप्पणी पर सत्ता पक्ष और विपक्षी नेताओं की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आईं। प्रधानमंत्री मोदी की इस टिप्पणी कि ‘भारत जल्द ही विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में आने वाला है’ पर केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘किसी के मन में कोई संदेह नहीं है कि पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और भारत की जी20 अध्यक्षता वैश्विक मंच पर देश के उत्थान में बड़े मील के पत्थर हैं।” केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिभाओं का उपयोग इस तरह से करना सुनिश्चित कर रहे हैं ताकि इसका लाभ देश के 140 करोड़ लोगों को मिले।
2047 तक एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा भारत
मोदी की इस टिप्पणी पर कि ‘भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा’, भाजपा नेता अनिल एंटनी ने कहा कि आजादी के बाद के 67 वर्षों की तुलना में पिछले नौ वर्षों में भारत में बहुत कुछ हुआ है। हालांकि, विपक्षी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) के नेताओं ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा और बेरोजगारी तथा आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर लगाम लगाने में सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाया।
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि आगामी जी20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर सड़कों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है लेकिन भारत का युवा “रोजगार के बारे में सवाल कर रहा है।” उन्होंने कहा, “लोग घोटालों और महंगाई पर जवाब चाहते हैं।” आम आदमी पार्टी (आप) सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के शासन में बेरोजगारी 42 वर्षों में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई और ईंधन तथा दवाओं की कीमतें काफी बढ़ गई हैं।
भाजपा ने युवाओ को धोखा दिया गया
उन्होंने कहा, ‘‘उनके (मोदी) तहत, अग्निवीर योजना (सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए) शुरू की गई और युवाओं को धोखा दिया गया। कहा गया था कि फसलों के दाम दोगुने कर दिए जाएंगे. क्या हुआ? वादा किया गया था कि काला धन वापस लाया जाएगा और हर खाते में 15 लाख रुपये आएंगे। पता नहीं उसका क्या हुआ। यह भी कहा गया था कि 15 अगस्त 2022 तक सभी को पक्का मकान दे दिया जाएगा, लेकिन कुछ नहीं हुआ।”
कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में महंगाई और बेरोजगारी से आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया, ”महिलाओं, दलितों और आदिवासियों पर अत्याचार हुए हैं।” मोदी की इस टिप्पणी पर कि उनकी सरकार द्वारा राजनीतिक स्थिरता प्रदान की गई है, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) नेता टी के एस एलंगोवन ने कहा कि इस समय इस देश में कोई राजनीतिक स्थिरता और समभाव नहीं है।










