जर्जर शव वाहन के भरोसे बिलासपुर नगर निगम

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रायपुर के बाद छत्तीसगढ़ के दूसरे सबसे बड़े शहर माने जाने वाले बिलासपुर नगर निगम की माली हालत खस्ता हो गई है। 6 लाख से अधिक आबादी और 137 वर्ग किलोमीटर में फैले नगर निगम एरिया में रोजमर्रा की बुनियादी सहूलियतें उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने 8 जोन कार्यालयों की स्थापना की है, लेकिन किसी भी जोन के पास अपना शव वाहन उपलब्ध नहीं है।

20 वर्षों से निगम एकमात्र जर्जर शव वाहन के भरोसे है। यह भी निगम को चैरिटी में उपलब्ध कराया गया है। हैरत की बात यह है कि नगर निगम ने वर्ष 2023-24 के लिए 10 अरब 24 करोड़ 72 लाख 14 हजार रुपए का बजट पास किया। इसमें 7 अरब 51 करोड़ 55 लाख की आय का अनुमान जताया गया। इसके बावजूद शव वाहन के लिए बजट में कोई राशि नहीं रखी गई।

महापौर रामशरण यादव ने शुक्रवार को नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया को पत्र लिखकर निगम की सीमा वृद्धि के बाद क्षेत्र विस्तार और आबादी को ध्यान में रखकर हरेक जोन कार्यालय के लिए 1-1 शव वाहन उपलब्ध कराने की मांग की। 5 महीने में दूसरी बार मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने बताया कि हरेक जोन के लिए दाह संस्कार के लिए शव मुक्तिधाम ले जाने के लिए शव वाहन की जरूरत है। एक ही शव वाहन होने के कारण निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने हरेक जोन के लिए शव वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है।

88 लाख रुपए की मांग

महापौर ने जनहित में 8 शव वाहन खरीदने के लिए शासन से 88 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। मेयर इन कौंसिल के सदस्य राजेश शुक्ला ने बताया कि कोरोना काल में प्रभावितों के शव ले जाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यवस्था की गई थी। अब पूरे निगम एरिया के लोग अंतिम संस्कार के लिए शव मुक्तिधाम ले जाने के लिए निगम के शव वाहन की उम्मीद करते हैं। एक ही समय में एक से अधिक लोगों की मृत्यु होने पर शव वाहन की सुविधा नहीं मिल पाती।

आयुक्त ने संचालक को लिखा

एमआईसी के प्रस्ताव के परिप्रेक्ष्य में नगर निगम कमिश्नर कुणाल दुदावत ने 19 अप्रैल को संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को प्रस्ताव भेजकर प्रत्येक जोन कार्यालय के लिए 1-1 शव वाहन उपलब्ध कराने 11-11 लाख रुपए की स्वीकृति की मांग की थी। प्रस्ताव में बताया गया कि 2018 में निगम एरिया का परिसीमन के बाद विस्तार हो चुका है। नगर निगम में एक नगर पालिका, दो नगर पंचायत सहित 18 ग्राम पंचायतों का निगम में समावेश किया जा चुका है। एरिया विस्तार के बाद हरेक जोन कार्यालय को शव वाहन की जरूरत है, जिसकी पूर्ति की जानी चाहिए।

 

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