रायपुर। राजधानी में नशे का कारोबार धडल्ले चलने लगा है जिसकी वजह से इस नशे की चपेट में नाबालिग से लेकर युवावर्ग भी नशा करने लगा है। आए दिन पुलिस चेकिंग अभियान चलाती है। जिसमें कई नशे का कारोबार करने वाले तस्करों की गिरफ्तारी भी होती है लेकिन कुछ नशा तस्कर पुलिस से एक कदम आगे चलते है और मौहल्लों की छोटी-छोटी गलियों में नशे बेचने का काम शुरू कर दिया है। ऐसा ही एक मामला करबला पारा इलाके का सामने आया है जिसमें एक नाबालिग बच्चे के हाथ में गांजा दिखा जो इस गांजे को गोगो में डालकर पीने के लिए माचिस जला रहा था। तभी एक युवक ने नाबालिग के इस करतूत को अपने कैमरे में कैद कर लिया। सूत्रों के मुताबिक करबला पारा इलाके के पीछे तरफ एक पांच मंजिला निर्माणाधीन खंडहर है जिसमें कोटा के गांजा किंग आशु सोनी के गुर्गों ने अपना ठीहा बना लिया है। जो करबला पारा इलाके के इस खंडहर के आस-पास में बैठकर गांजा और अवैध शराब का धंधा करते है।
राजधानी के साथ- साथ पूरे प्रदेश में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ता जा रहा है. राजधानी पुलिस से लेकर प्रदेश की पुलिस नशे के कारोबार पर अंकुश लगा रही है। मगर अन्य राज्यों के नशे के सौदागरों की पैठ चिंताजनक है। राजधानी में गांजा बेचने का खेल जोरों पर चल रहा है। इस सूखे नशे से युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और गांजा बेचने वाले चांदी काट रहे हैं। नशीली दवा का सेवन कर राजधानी में कई युवा जान गंवा चुके हैं। नशे के सौदागरों के लिए रायपुर सुरक्षित जगह बन चुका है. उड़ीसा के रास्ते यहां आसानी से गांजे की तस्करी हो रही है. पुलिस तस्करों की धरपकड़ जरूर कर रही है. लेकिन नशे के मुख्य नेटवर्क तक पहुंचने में अब तक असफल साबित हुई है। रायपुर के करबला पारा, बैजनाथ पारा, ईदगाह भाठा, आमानाका, गोलबाजार, कोटा, गुढ़ियारी, कालीबाड़ी, नेहरू नगर सहित कई ऐसे इलाके है जहां धड़ल्ले से सूखे नशे का कारोबार हो रहा है।
गांजा सबसे सस्ता नशा
गांजा, गोली और सिरप काफी सस्ता नशा है। इसकी कीमत 50 रुपये से शुरू होती है। कोकीन और चरस महंगा नशा है। जिसकी कीमत 500 रुपये से शुरू होती है, जबकि ड्रग्स काफी महंगा मादक पदार्थ है। 1 ग्राम ड्रग्स की कीमत 8 से 10 हजार है. इसके बावजूद इसका सेवन युवा ज्यादा कर रहे हैं. रायपुर पुलिस दो बार बड़े नेटवर्क का खुलासा कर चुकी है। इसमें कई ऐसे लोग भी पकड़े गए थे। जो केवल सेवन कर रहे थे।







