बालोद की तस्वीर बदलता ‘दिव्य’ कार्यकाल

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बालोद जिले में श्रीमती दिव्या उमेश मित्रा के कलेक्टर के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर हर्ष का माहौल है। उनके इस सफल और सेवाभावी कार्यकाल को लेकर जिला प्रेस क्लब और आमजन ने उनके द्वारा किए गए नवाचारों की सराहना की है।

बालोद की तस्वीर बदलता ‘दिव्य’ कार्यकाल:
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मित्रा के एक वर्ष पूर्ण, जिले को मिली नई पहचान

बालोद। जिले की कमान संभालते ही अपनी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण से जन-जन का विश्वास जीतने वाली कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मित्रा ने सफलता का एक वर्ष पूर्ण कर लिया है। उनके इस गौरवशाली कार्यकाल के पूर्ण होने पर जिला प्रेस क्लब बालोद और आम नागरिकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों की सराहना की है। बीते एक वर्ष में बालोद जिला न केवल प्रशासनिक स्तर पर मजबूत हुआ, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान भी स्थापित किए हैं।

शिक्षा और नवाचार: गढ़ रहे हैं भविष्य की नींव
शिक्षा के क्षेत्र में कलेक्टर साहिबा की पहल मील का पत्थर साबित हो रही है। जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को नि:शुल्क JEE/NEET कोचिंग की सुविधा प्रदान कर उन्होंने ग्रामीण प्रतिभाओं के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपने को पंख दिए हैं। वहीं, टेक्नोफेस्ट 2.0 के सफल आयोजन ने जिले के युवाओं को तकनीकी नवाचार और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान किया है।

पर्यावरण और जल संरक्षण: ‘जन संचय’ से राष्ट्रीय सम्मान तक
पर्यावरण संरक्षण श्रीमती मित्रा की प्राथमिकता रही है। उनके मार्गदर्शन में जिले में 2 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया।

जल संरक्षण की दिशा में ‘जन संचय जन भागीदारी 2.0’ अभियान के माध्यम से जिले ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उल्लेखनीय है कि जल संरक्षण के इसी उत्कृष्ट कार्य के लिए बालोद को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया है।

पर्यटन और सुपोषण: समाज के हर वर्ग का रखा ध्यान
जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सियादेवी इको एडवेंचर की शुरुआत की गई, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए द्वार खुले हैं।

वहीं, कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई में ‘मिशन गोद’ जिला प्रशासन का एक संवेदनशील कदम रहा है।

इसके साथ ही वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों के हितों के लिए किए गए निरंतर कार्यों ने प्रशासन के मानवीय चेहरे को सामने लाया है।

उपलब्धियों के अन्य प्रमुख पड़ाव:

राष्ट्रीय जंबूरी:
ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का ऐतिहासिक और सफल आयोजन।

सुगम धान खरीदी:
जिले के किसानों के लिए धान खरीदी की ऐसी व्यवस्था की गई कि किसानों को कहीं कोई परेशानी नहीं हुई।

जागरूकता अभियान:
जिला प्रशासन की विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शासन की योजनाओं के प्रति ग्रामीण स्तर पर व्यापक जागरूकता आई है।
श्रीमती दिव्या उमेश मित्रा के नेतृत्व में बालोद जिला निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर है। आमजन का कहना है कि यह एक वर्ष केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि जन-विश्वास और विकास का वर्ष रहा है।

कलेक्टर साहिबा के कार्य की कुछ झलकियां 👇



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