बीएसई और एनएसई ने अडानी ग्रुप की रिन्यूएबल एनर्जी इकाई Adani Green Energy को अब लॉन्ग टर्म एएसएम फ्रेमवर्क के स्टेज वन में रखने का फैसला लिया है। बता दें कि यह फैसला 10 अप्रैल से लागू हो जाएगा। स्टॉक एक्सचेजों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, अडानी ग्रुप के इस स्टॉक को अतिरिक्त निगरानी फ्रेमवर्क के सेकंड स्टेज से फर्स्ट स्टेज में ट्रांसफर किया जाएगा।
क्या होता है एएसएम फ्रेमवर्क
बाजार नियामक निवेशकों के हितों को ध्यान में रखकर किसी भी शेयर में अधिक उतार-चढ़ाव को देखकर उसे एडिशनल सर्विलांस मेजर्स (ASM) फ्रेमवर्क में शामिल कर देता है। हालांकि, कुछ पैरामीटर्स के हिसाब से ही कंपनी के शेयरों को फ्रेमवर्क में डाला जाता है। किसी भी स्टॉक को शॉर्टलिस्ट करने के लिए उसके हाई-लो वैरिएशन, प्राइस बैंड हिट्स की संख्या, क्लोज टू क्लोज प्राइस वेरिएशन, कंज्यूमर एक्टिव और प्राइस अर्निंग रेशियो के आधार पर फ्रेमवर्क में डाला जाता है।
बता दें कि शेयरों को इसके तहत दो प्रकार की लिस्ट शॉर्ट टर्म एएसएम और लॉन्ग टर्म एएसएम में रखा जाता है। शॉर्ट टर्म एएसएम में 2 स्टेज होती हैं और लॉन्ग टर्म में चार स्टेज। जैसे ही स्टेज बढ़ते जाते हैं, वैसे ही शेयरों की ट्रेडिंग के लिए भी और अंतर की जरूरत पड़ने लगती है।
अगर Adani Group के 10 लिस्टेड शेयरों की बात करें तो गुरुवार को अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी टोटल गैस, अडानी ट्रांसमिशन और एनडीटीवी में 5 फीसदी की उछाल देखने को मिला। साथ ही ग्रुप के कई फर्मों ने भी अपर सर्किट लगाया।










