हिंदू धर्म में कई त्योहार और पर्व मनाए जाते हैं. उन्हीं में से एक अक्षय तृतीया है. अक्षय तृतीया हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. यह तिथि काफी शुभ और फलदायक मानी जाती है. ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी की पूजा करने और सोने की खरीदारी करने से घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती है. बार अक्षय तृतीया 22 अप्रैल को मनाई जाएगी. आइए जानते हैं इस विशेष तिथि की कुछ रोचक बातें.
1. यह मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत हुई थी और द्वापर युग समाप्त हुआ था.
2. ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन पिंडदान करने से पितरों को मुक्ति मिल जाती है.
3. अक्षय तृतीया के दिन घर में रखे टूटे झाड़ू को बाहर निकाल देना चाहिए. साथ ही इस दिन नया झाड़ू भी खरीद कर घर लाना चाहिए. ऐसा करने से ना सिर्फ घर में बरकत होती है, बल्कि माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.
4. अक्षय तृतीया के दिन घर में रखे टूटे-फूटे चप्पल को बाहर निकालना चाहिए. ऐसा करने से घर से दरिद्रता दूर होती है.
5. अक्षय तृतीया के दिन किसी को उधार पैसे भी नहीं देने चाहिए. ऐसा करने से भी घर से मां लक्ष्मी चली जाती है और दरिद्रता घर में आती है. इसके अलावा इस दिन घर की तिजोरी की साफ सफाई करके पूजा पाठ करना चाहिए.तिजोरी किसी भी हाल में गंदा नहीं रखना चाहिए.
6. अक्षय तृतीया के दिन घर में रखे टूटे-फूटे बर्तन को भी बाहर निकाल देना चाहिए. टूटे-फूटे बर्तन से घर में नकारात्मकता आती है. इससे परिवार में अशांति फैलती है और माता लक्ष्मी का वास नहीं होता.
7. अक्षय तृतीया को माता गौरी की पूजा विशेष रूप से की जाती है. माता गौरी को लाल वस्त्र अर्पण करना चाहिए, जिससे आपकी सभी मनोकामना पूरी होगी.
8. अक्षया तृतीया के दिन भगवान को खुश करने के लिए उस दिन पीले वस्त्र का दान करना चाहिए. भगवान विष्णु को पीला वस्त्र अर्पण करना चाहिए.
9. अक्षय तृतीया के अवसर पर सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है, इसलिए इस दिन आप सोना जरूर खरीदें.
10. इस दिन भूलकर भी प्लास्टिक, एल्युमिनियम या स्टील के बर्तन या सामान न खरीदें. मान्यताओं के अनुसार, इन पर राहु का प्रभाव होता है. इससे घर में नकारात्मकता और दरिद्रता आ सकती है.







