अधिवक्ताओं का राज्य स्तरीय सम्मेलन एवं चिंतन शिविर संपन्न

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रायपुर। अधिवक्ताओं का राज्य स्तरीय सम्मेलन एवं चिंतन शिविर संपन्न। डॉ अंबेडकर राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ की छत्तीसगढ़ शाखा द्वारा आयोजित सम्मेलन में राज्य भर से सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए। सम्मेलन का केन्द्रीय विषय था- प्रतिनिधित्व विहीन न्याय पालिका और बहुजनो का अधिकार तथा राज्य में चुनौतियां। राष्ट्रीय संयोजक एवं अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय बी एम सिंह की उपस्थिति में प्रभाकर ग्वाल पूर्व सीबीआई मजिस्ट्रेट छग ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया। वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी ने नीति निर्देशक तत्वों को संवैधानिक लक्ष्य के रूप में स्वीकारने पर जोर दिया। पोषण चंद्राकर (विशेष सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग छग शासन) ने कहा डॉ अंबेडकर राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ द्वारा न्याय के उद्देश्यों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन चला रही है और न्याय पालिका में कोलिज्म पर रोक होनी चाहिए। डॉ लक्ष्मण भारती जी(प्रदेषाध्य, अजक्स छग), एड गिरधर मढरिया जी(वरिष्ठ अधिवक्ता), विश्वास मेश्राम जी(पूर्व अति. कलेक्टर), अखिलेश एडकर जी(सामाजिक चिंतक, रायपुर), चातुरी नंद ( सामाजिक कार्यकर्ता, बना), अभिनव सत्यवंशी जी(सामाजिक कार्यकर्ता), खलीफा डहरिया ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। मंच संचालन अधिवक्ता शाकिर कुरैशी(राष्ट्रीय सह संयोजक) ने किया।

प्रस्ताव पर चर्चा
अधिवक्ताओ और न्याय पालिका से जुड़ी महत्त्वपूर्ण बिंदुओं को लेकर डॉ अंबेडकर राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ ने प्रस्ताव पारित किया गया। जिसमें हर जिलों के तहसील स्तर पर निशुल्क विधिक आवासीय पुस्तकालय। उच्च एवं उच्चतम न्यायपालिका और सरकार के सभी विभाग में ओबीसी एससी एसटी और माइनोरिटी को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। 65 वर्ष या 35 वर्ष की वकालत पूरी करने अधिवक्ताओं को पेंशन 5000 रुपया या 15 लाख रुपए या दोनो दिया जाए। अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू किया जाए तथा 5 लाख रुपए तक ईलाज के लिए बीमा किया जाए। राजस्व अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारियों से निर्णय या आदेश पारित करने करने के न्यायिक अधिकार को समाप्त कर सिविल कोर्ट मजिस्ट्रेट को दिया जाए। कानून एवं अपराध अन्वेषण के अलग से पुलिस व्यवस्था कर अधिवक्ता पैरवी परीक्षा को बंद किया जाए और अधिवक्ता पंजीयन शुल्क में छूट या किस्तों में की जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में नरेन्द्र वर्मा, भजन जांगड़े, विशालदास मानिकपुरी, जूही जाससवाल, शिव बंजारे, भगत सोनी, युवराज सिंह पटेल, अश्वनी राव, खोब्ररागड़े, दूजलाल बंजारे, डॉ आर के सुखदेवे, आई आर दाशिया, रामलाल गुप्ता, राकेश रात्रे, दिलीप साहू, अजीत कुमार, लिगराज ग्वाल, अनमोल बाघ, सविता सिदार आदि बड़ी संख्या में अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश सयोजक जे के महिलांग ने किया।

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