डायबिटीज से सेहत को 6 बड़े नुकसान, किडनी हो सकती है खराब

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डायबिटीज बीमारी के लक्षण शुरुआती दौर पर नहीं दिखाई देते. इसके लक्षण विकसित होने में कई साल लग सकते हैं. इसमें संयम ही बचाव होता है. डायबिटीज के मरीजों को मीठा खाने से बचने की सलाह दी जाती है. डायबिटीज के लक्षणों की बात करें तो इसमें प्यास ज्यादा लगना, लगातार बार-बार पेशाब लगना, वजन में अचानक से कमी, चक्कर आना, हाथ-पैरों में झुनझुनाहट आना, बेहद अधिक थकान लगना प्रमुख हैं. डायबिटीज के बॉडी को कई साइड इफेक्ट होते हैं. आइए हम आपको डायबिटीज के बॉडी को होने वाले नुकसान बताते हैं.

1.नसों को नुकसान: हेल्थलाइन में छपी एक खबर के अनुसार न्यूरोलॉजिकल क्षति या न्यूरोपैथी डायबिटीज का एक चिंताजनक दुष्प्रभाव है. अध्ययनों से पता चला है कि कैसे लंबे समय तक डायबिटीज रहने से रोगी के शरीर के अंदर की नसों को नुकसान हो सकते हैं. नसों की यह क्षति आमतौर पर हाथों और पैरों में सुन्नता, झुनझुनी और दर्द जैसे लक्षणों की शुरुआत कर सकती है. इस स्थिति को डायबिटिक न्यूरोपैथी के रूप में जाना जाता है.

2.हृदय संबंधी जटिलताएं: डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति पर दिल के दौरे और स्ट्रोक जैसे गंभीर हृदय रोगों के संभावनाएं बढ़ जाती हैं. हाई डायबिटीज होने पर धमनियां संकुचित हो जाती हैं और इस प्रकार सामान्य रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है. इससे हृदय संबंधी कई जटिलताएं सामने आ सकती हैं.

3.किडनी को नुकसान: डायबिटीज किडनी के लिए बेहद नुकसानदेह होती है. डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को किडनी के खराब होने का सामना करना पड़ सकता है. डायबिटीज के मरीजों को संयम की बेहद जरूरत होती है. हाई डायबिटीज से किडनी फैल होने का खतरा बढ़ जाता है.

4.आंखों को नुकसान: डायबिटीज से आंखों को नुकसान हो सकता है. हाई डायबिटीज होने पर आंखों के आगे धुंधलापन आ सकता है. नेत्र जटिलताएं, या रेटिनोपैथी डायबिटीज का दुष्प्रभाव है. अनियंत्रित उच्च डायबिटीज रेटिना के अंदर रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकता है, जिससे आंखों के लिए गंभीर समस्याएं हो सकती हैं जिन्हें डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है यह स्थिति गंभीर दृष्टि समस्याओं का कारण बन सकती है और यदि इसका समय पर इलाज नहीं किया जाता है तो इसका परिणाम गंभीर दृष्टि हानि या अंधापन भी हो सकता है.

5.पैरों की समस्या: डायबिटिक फुट एक ऐसी स्थिति है जो खराब परिसंचरण और पैरों में तंत्रिका क्षति के कारण होती है. यह रोगी को पैर के अल्सर और संक्रमण के प्रति संवेदनशील बना सकता है, और घाव भरने की क्षमता को भी धीमा कर सकता है.

6.मेंटल हेल्थ: डायबिटीज का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है. डायबिटीज के कारण तनाव, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य विकारों का खतरा बढ़ सकता है.

 

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