हिंदू धर्म में वेद, पुराण,ग्रंथ और अन्य धार्मिक पुस्तकों में हिंदू धर्म की संस्कृति और विरासत का वर्णन किया गया है. इन वेद पुराणों में जीवन जीने की पद्धति समेत धर्म-अधर्म को लेकर उपदेश दिए गए हैं. चारों वेदों समेत रामायण, महाभारत जैसे धर्म ग्रंथों में कई पौराणिक कहानियों का जिक्र किया गया है. रामायण में वर्णित श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी समेत सभी पात्रों से तो सभी भलीभांति परिचित हैं.लेकिन, क्या आप जानते हैं भगवान श्रीराम की एक बहन भी थीं. बहुत कम लोगों को इसके बारे में पता होगा. तो चलिए जानते हैं पंडित इंद्रमणि घनस्याल से कि भगवान श्रीराम की बहन कौन थीं.
राम की बहन का नाम शांता
राजा दशरथ और रानी कौशल्या की पहली संतान एक पुत्री थी. जिसका नाम शांता था. शांता भगवान श्रीराम की बड़ी बहन थी. पुराणों के अनुसार, शांता प्रत्येक कार्यों में दक्ष थीं और बुद्धिमान होने के साथ-साथ अनेक कार्यों में निपुण थीं.
पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार रानी कौशल्या की बहन वर्षिणी अपने पति रोमपद के साथ अयोध्या आई थी. उस समय रानी कौशल्या की बहन निसंतान थी. संतान सुख से वंचित होने के कारण राजा रोमपद और वर्षिणी बहुत दुःखी थे. तब राजा दशरथ ने उनको दुःखी और उदास देखकर अपनी पुत्री शांता को उन्हें गोद दे दी. शांता को लेकर राजा रोमपद और वर्षिणी अंगदेश लौट गए. इसके बाद शांता अंग देश की राजकुमारी बन गई.
श्रृंगी ऋषि से हुआ विवाह
भगवान श्रीराम की बड़ी बहन शांता का विवाह ऋषि श्रृंग से हुआ था. ऋषि श्रृंग और शांता के विवाह की अनेक कथाएं प्रचलित हैं. शांता के पति ऋषि श्रृंग ने ही राजा दशरथ के यहां पुत्रेष्टि यज्ञ किया था. जिसके फलस्वरूप राजा दशरथ के चार पुत्रों ने जन्म लिया था. मान्यता है कि हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में ऋषि श्रृंग का मंदिर है जहां ऋषि श्रृंग और राम की बहन शान्ता की पूजा की जाती है.










