दुर्ग। एक तरफ दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव जिले से जुआ सट्टा बंद कराने के लिए कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके ही अधिकारी खुलेआम जुआरियों और सटोरियों को संरक्षण दे रहे हैं। छावनी थाना क्षेत्र इसका सीधा उदाहरण है। यहां थाने और सीएसपी ऑफिस से चंद कदम दूर दो अलग-अलग जगहों पर खुलेआम हर दिन लाखों का सट्टा लिखा जा रहा है। भास्कर ने जब इसका स्टिंग किया तो वहां सट्टा लगाने वालों की भीड़ लगी मिली। रायपुर से दुर्ग की तरफ जाने वाले एनएच-53 में पावर हाउस ओवरब्रिज के नीचे पूरे दिन ट्रैफिक पुलिस की टीम खड़ी रहती है। यह जगह छावनी थाने के ठीक सामने है। यहां से 10 कदम की दूरी पर ब्रिज के नीचे ही नजीर लंगड़ा नाम का व्यक्ति खुलेआम टेबल कुर्सी लगवाकर सट्टा लिखवा रहा है। यहां बड़ी संख्या में उसके गुंडे और सट्टा लिखने वाले रहते हैं। सट्टा खेलने वालों की भीड़ इतनी रहती है मानों राशन दुकान में राशन लेने वालों की भीड़ लगी हो। यही नहीं इसकी जानकारी भी सभी पुलिस वालों को है, इसके बाद भी इनके ऊपर कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है। इसके बाद भास्कर की टीम सीएसपी छावनी ऑफिस से कुछ दूर स्थित शीतला मंदिर नहर के पास पहुंची। यहां एक घर के अंदर बैठकर इमरान कसाई, सलमान कसाई और आसिफ कसाई खुलेआम सट्टा लिख रहे हैं। यहां भी उनके शूटर और गुंडे हर समय निगरानी में लगे रहते हैं। छावनी क्षेत्र में जिस जगह पर सट्टा लिखा जाता है, जब वहां के लोगों से बात की गई।
उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि अगर वे पुलिस में शिकायत करते हैं तो सट्टा खिलाने वालों के गुंडे उनसे मारपीट करते हैं। इसलिए डर के मारे शिकायत भी नहीं करते हैं। यहां उनके गुंडे और सट्टा लगाने वाले शराब के नशे में आते हैं और आए दिन आपस में लड़ाई झगड़ा करके मारपीट करते हैं। इससे उन्हें काफी परेशानी होती है। नजीर लंगड़ा और इमरान, सलमान आसिफ छावनी क्षेत्र के काफी बड़े सटोरी हैं। इनकी पुलिस से इतनी गहरी पैठ है कि दोनों एक दूसरे का पूरा ध्यान रखते हैं। ये लोग महीने में एक बार अपने एक दो लोगों को थाने भेज देते हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी शो करके छोटी रकम और सट्टा-पट्टी की जब्ती दिखाकर पुलिस कप्तान को खुश कर देती है, लेकिन मेन सरगना की गिरफ्तारी नहीं होती है। इस तरह ये लोग अपनी सट्टा की गैर कानूनी दुकान चलाते रहते हैं। शीतला मंदर के पास इमरान सलमान के सट्टा लिखे जाने वाली जगह पर पुरानी भिलाई थाने से एक सिपाही पहुंचा था। उसने दो सटोरियों को अपने पास बुलाया। उनसे कुछ रुपए लिया। उसके बाद उन सटोरियों ने उस रुपए की बाकायदा इंट्री की। जब सिपाही को बुलाकर पूछा गया कि उसका नाम क्या है और वो कहां पदस्थ है तो उसने अपना नाम सुभाष जाटव बताया। उसने बताया कि वो पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ है। यहां पर धोबी के पास कपड़ा प्रेस कराने आया था। जब सटोरियों के साथ उसकी फोटो दिखाई गई तो वह बिना कुछ बोले वहां से चला गया। इस बारे में दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई की बात कही है। दुर्ग सीएसपी वैभव बैंकर ने खुद एसपी के सामने कहा कि पावर हाउस ब्रिज के नीचे सट्टा चलता है वो भी वहां एक बार कार्रवाई कर चुके हैं। जब इस बारे में छावनी थाना प्रभारी मोनिका पाण्डेय को फोन लगाया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं छावनी सीएसपी आशीष बंछोर ने मीटिंग में होने की बात कही।









