सनातन धर्म में जेष्ठ (जेठ) माह में पवन पुत्र हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व होता है. इस महीने में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल (Bada Mangal) के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक इस महीने भगवान राम और हनुमान की मुलाकात हुई थी. यही वजह है कि इस माह में बजरंगबली की विधि विधान पूर्वक किए गए पूजा-आराधना से रोग दोष से मुक्ति मिलती है. इतना ही नहीं, हनुमान जी (Hanuman Ji) को कलयुग का देवता भी माना जाता है. न्यूज़ 18 लोकल आपको बताएगा बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए किन मंत्रों का जप करें. किस विधि से उनकी पूजा आराधना करें
हनुमान जी की पूजा विधि
बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए प्रातः काल स्नान ध्यान करना चाहिए. साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें. साफ वस्त्र धारण करें. कई लोग ऐसे होते हैं जो मंगलवार के दिन व्रत रखते हैं. उनको चाहिए कि वो घी का दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें. इसके बाद पवन पुत्र बजरंगबली को तिलक लगाएं, सिंदूर अर्पित करें. पुष्प धूप दीप इत्यादि अर्पित करें.
माना जाता है कि पवन पुत्र को बूंदी का लड्डू बहुत प्रिय है. उन्हें बूंदी का लड्डू अर्पित करें. अंत में हनुमान जी की आरती और हनुमान चालीसा का पाठ करना नहीं भूलें. अगर आप हर मंगलवार को ऐसा करते हैं तो बजरंगबली जल्दी प्रसन्न होंगे और आपने जीवन में आने वाली समस्त दुख एवं बाधा समाप्त होगी.
भक्तों पर बजरंगबली जल्द प्रसन्न होते हैं
अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि महावीर बजरंगबली अष्ट सिद्धि के दाता हैं. अगर सच्चे मन से उनकी पूजा आराधना की जाए तो अपने भक्तों पर पवन पुत्र जल्द प्रसन्न होते हैं. हिंदू पंचांग के मुताबिक जेष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार को हनुमान जी की विशेष आराधना का विधान है.
इन मंत्रों का करें जप
आदिदेव नमस्तुभ्यं सप्तसप्ते दिवाकर । त्वं रवे तारय स्वास्मानस्मात्संसार सागरात ।।
ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा ।।
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं ।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ।।
इसके अलावा, आप हनुमान अष्टक और हनुमान चालीसा के पाठ का जप भी कर सकते हैं.









