एड्स को सबसे खतरनाक बीमारियों में शुमार किया जाता है. एड्स का संक्रमण धीरे-धीरे शरीर के इम्यून सिस्टम को डैमेज कर देता है. इससे बॉडी की बीमारियों से लड़ने की क्षमता खत्म हो जाती है. यह कंडीशन बेहद खतरनाक होती है और लोगों को मौत की नींद सुला देती है. एड्स की बीमारी ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस (HIV) की वजह से हो जाती है. इसे बोलचाल की भाषा में एचआईवी एड्स कहा जाता है. हर साल 18 मई को विश्व एड्स टीका दिवस मनाया जाता है. यह दिन वॉलिंटियर्स, मेडिकल प्रोफेशन और वैज्ञानिकों को धन्यवाद देने का एक अवसर है, जो एड्स की सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन बनाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं. यह लोगों को एचआईवी वैक्सीन रिसर्च के महत्व के बारे में शिक्षित करने का भी समय है. आज आपको एचआईवी एड्स से जुड़े चौंकाने वाले फैक्ट और इससे बचने के तरीके बताएंगे.
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक एचआईवी एड्स सबसे बड़े स्वास्थ्य मुद्दों में शुमार है. एड्स की वजह से अब तक विश्व में करीब 4.10 करोड़ (40.1 million) से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. साल 2021 के अंत में अनुमानित 3.84 करोड़ (38.4 million) से ज्यादा लोग एचआईवी एड्स की समस्या से जूझ रहे थे. साल 2021 में, 6.50 लाख लोग एचआईवी से संबंधित कारणों से मौत के मुंह में समा गए और 15 लाख लोगों को एचआईवी हुआ. यह आंकड़ा पहले की अपेक्षा थोड़ा बढ़ सकता है. एचआईवी संक्रमण का कोई इलाज नहीं है और इलाज के जरिए इसे कुछ हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. इस वक्त दुनिया को एचआईवी एड्स की वैक्सीन की सख्त जरूरत है. जानकारों की मानें तो वैक्सीन बनने से इसे रोकने में काफी मदद मिलेगी.
ऐसे फैलता है HIV संक्रमण
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) के मुताबिक अधिकांश लोगों को एचआईवी असुरक्षित यौन संबंध बनाने और यूज की हुई सिरिंज, ब्लेड या अन्य इंजेक्शन वाले उपकरणों के इस्तेमाल से फैल सकता है. ब्लड, सीमन, प्री-सीमिनल फ्लूड, रेक्टल फ्लूड, वैजाइनल फ्लूड और ब्रेस्ट मिल्क के जरिए भी एचआईवी का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है. गर्भवती महिला अगर एचआईवी से संक्रमित है, तो होने वाले बच्चे को संक्रमण हो सकता है. एचआईवी के ज्यादातर मामलों में लक्षण नजर नहीं आते हैं और लोगों को इसका पता लगाने के लिए टेस्ट करवाने की जरूरत होती है.
HIV/AIDS से बचने के 5 तरीके
- – यौन संबध बनाते समय कंडोम का इस्तेमाल करें. मल्टीपल लोगों के साथ यौन संबंध बनाने से एड्स का जोखिम बढ़ता है.
- – अपना और पार्टनर का सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज (STD) का टेस्ट कराएं. अगर पॉजिटिव हों, तो सही इलाज कराएं.
- – प्री-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PrEP) के बारे में डॉक्टर से बात करें. यह HIV रोकथाम विकल्प है, जो ज्यादा जोखिम वाले लोगो को अपनाना चाहिए.
- – किसी भी व्यक्ति द्वारा यूज की गई सिरिंज या ब्लेड का इस्तेमाल न करें. ऐसा करने से एचआईवी का खतरा बढ़ जाता है.
- – यौन संबंध बनाने से पहले अपना और अपने पार्टनर का एचआईवी का टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है. समय-समय पर टेस्ट कराते रहें.










