सनातन धर्म में मां देवी की आराधना और उन्हें प्रसन्न करना अन्य देवी-देवताओं के मुकाबले थोड़ा मुश्किल है. परंतु जब देवी मां की कृपा किसी भक्त पर पढ़ती है तो उसके जीवन में आ रही समस्याएं दूर होती है और उसके हर काम बनते चले जाते हैं. मां दुर्गा की आराधना के लिए नवरात्रि का पर्व सर्वोत्तम माना जाता है. यह पर्व साल में 4 बार मनाया जाता है जिनमें से दो गुप्त नवरात्रि होती हैं और दो सामान्य मानी जाती हैं. गुप्त नवरात्रि उन लोगों के लिए बेहद खास होती है जो तंत्र साधना में लीन होते हैं या फिर जिन्हें तांत्रिक विद्या को सिद्ध करना होता है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
सामान्य और गुप्त नवरात्रि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गृहस्थ जीवन जी रहे या फिर साधारण व्यक्ति के लिए सामान्य नवरात्रि विशेष मानी जाती है. ये चैत्र और अश्विन माह की नवरात्रि होती है जिसमें सात्विक या दक्षिणमार्गी साधना करने का विधान है. वहीं माघ और आषाढ़ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है. जिसमें तंत्र साधना यानी वाममार्गी साधना का विधान है. प्रचलित मान्यताओं के अनुसार तंत्र साधना के लिए गुप्त नवरात्रि विशेष स्थान रखती है. इस दौरान 10 महाविद्या की पूजा और साधना करने का अत्यंत महत्व है.
सामान्य से 9 गुना अधिक प्राप्त होता है फल
कहा जाता है जो व्यक्ति तंत्र साधना में विश्वास रखते हैं, वह गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक विद्याओं की सिद्धि करते हैं. यह भी कहा जाता है कि इस दौरान तंत्र विद्या को सिद्ध करने पर सामान्य पूजन से 9 गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है. इस दौरान जो भी साधक साधना करता है उसे गुप्त ही रखा जाता है. जिस तरह सामान्य नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है उसी तरह गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना करने की परंपरा है.
दस तंत्र विद्याएं
इन नवरात्रि में भी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है परंतु जो लोग तंत्र विद्या में सिद्धि चाहते हैं वे 10 महाविद्या में से किसी एक की साधना करते हैं जिससे गुप्त नवरात्रि सफल होती है. ये हैं दस महाविद्या- काली, त्रिपुर सुंदरी, तारा, छिन्नमस्ता, भुवनेश्वरी, धूमावती, त्रिपुर भैरवी, मातंगी, बगलामुखी और कमला. जब भगवान विष्णु शयन कर रहे होते हैं तब देव शक्तियां कुछ कमजोर होने लगती हैं. जिसकी वजह से पृथ्वी पर रुद्र, यम, वरुण आदि का प्रकोप बढ़ जाता है और इन विपत्तियों से बचने के लिए ही गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना करना चाहिए.










